लाइव न्यूज़ :

श्रीनगर में लगा आधा ‘दरबार’, दोनों राजधानियों में खुला है नागरिक सचिवालय, 148 साल की परंपरा को कोरोना ने तोड़ा

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: July 6, 2020 18:04 IST

Open in App
ठळक मुद्देसुबह श्रीनगर सचिवालय में एलजी को गार्ड आफ आनर पेश किया गया और इसके साथ ही कश्मीर में सरकार का दरबार आधिकारिक रूप से चलने लगा।नए फार्मूले के तहत जम्मू व श्रीनगर दोनों जगहों पर सचिवालय को खुला रखने का फैसला भी लिया गया है।पिछले 148 साल की परंपरा को इस बार कोरोना ने तोड़ डाला है। इस बार राजधानी शहर श्रीनगर में आधा ‘दरबार’ ही खुला है क्योंकि आधा दरबार जम्मू में ही है।

जम्मूः ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में आज से सरकार का आधा ‘दरबार’ सज गया। एलजी गिरीश चंद्र मुर्मू, मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम और पुलिस महानिदेशक के अलावा ज्यादातर प्रशासनिक सचिव अब श्रीनगर से ही कामकाज संभालेंगे।

हालांकि, कोरोना काल को देखते हुए प्रशासनिक सचिवों को रोटेशन के आधार पर जम्मू व श्रीनगर दोनों सचिवालय में समय बिताने के लिए कहा गया है। कोरोना काल की वजह से ही दरबार को शिफ्ट करने में इस बार दो महीने की देरी हुई है और नए फार्मूले के तहत जम्मू व श्रीनगर दोनों जगहों पर सचिवालय को खुला रखने का फैसला भी लिया गया है।

19 प्रशासनिक विभाग कश्मीर से काम करेंगे और 18 जम्मू से। सुबह श्रीनगर सचिवालय में एलजी को गार्ड आफ आनर पेश किया गया और इसके साथ ही कश्मीर में सरकार का दरबार आधिकारिक रूप से चलने लगा। हालांकि, अनौपचारिक रूप से मई से ही श्रीनगर नागरिक सचिवालय में कामकाज शुरू हो गया था।

पिछले 148 साल की परंपरा को इस बार कोरोना ने तोड़ डाला है

हालांकि पिछले 148 साल की परंपरा को इस बार कोरोना ने तोड़ डाला है। इस बार राजधानी शहर श्रीनगर में आधा ‘दरबार’ ही खुला है क्योंकि आधा दरबार जम्मू में ही है। पहली बार ऐसा है कि दोनों राजधानी शहरों में नागरिक सचिवालय कार्य करे रहे हैं। हालांकि श्रीनगर में दरबार के बहाल होने के बावजूद जम्मू में दरबार बंद नहीं हुआ और यह पहली जुलाई से क्रियाशील हो चुका है। इस बार सभी कार्यालय और विभाग श्रीनगर नहीं गए हैं। श्रीनगर में 19 विभाग और जम्मू में 18 विभागों के कार्यालय गतिशील हैं।

जानकारी के लिए जम्मू कश्मीर में धारा 370 को हटाए जाने के बावजूद ‘दरबार मूव’ की प्रथा जारी है, जिसके तहत हर छह महीने के बाद राजधानी बदल जाती है। इसी परंपरा के तहत इस बार पहले यह निर्देश जारी हुआ था कि नई परंपरा के तहत दरबार मूव को स्थगित करते हुए दोनों राजधानी शहरों में अलग-अलग सचिवालय काम करते रहेंगें पर कश्मीरी नेताओं के विरोध के बाद प्रशासन ने अपने आदेश को वापस ले लिया था।

जम्मू कश्मीर में दरबार मूव पर सालाना खर्च  होने वाला 600 करोड़ रूपये वित्तीय मुश्किलों को बढ़ाता

जानकारी के लिए तंगहाली के दौर से गुजर रहे जम्मू कश्मीर में दरबार मूव पर सालाना खर्च  होने वाला 600 करोड़ रुपये वित्तीय मुश्किलों को बढ़ाता है। सुरक्षा खर्च मिलाकर यह 900-1200 करोड़ से अधिक हो जाता है। दरबार मूव के लिए दोनों राजधानियों में स्थायी व्यवस्था करने पर भी अब तक अरबों रुपये खर्च हो चुके हैं।

जम्मू कश्मीर में दरबार मूव की शुरूआत महाराजा रणवीर सिंह ने 1872 में बेहतर शासन के लिए की थी। कश्मीर, जम्मू से करीब 300 किमी दूरी पर था, ऐसे में यह व्यवस्था बनाई कि दरबार गर्मियों में कश्मीर व सर्दियों में जम्मू में रहेगा। 19वीं शताब्दी में दरबार को 300 किमी दूर ले जाना एक जटिल प्रक्रिया थी व यातायात के कम साधन होने के कारण इसमें काफी समय लगता था।

अप्रैल महीने में जम्मू में गर्मी शुरू होते ही महाराजा का काफिला श्रीनगर के लिए निकल पड़ता था। महाराजा का दरबार अक्टूबर महीने तक कश्मीर में ही रहता था। जम्मू से कश्मीर की दूरी को देखते हुए डोगरा शासकों ने शासन को ही कश्मीर तक ले जाने की व्यवस्था को वर्ष 1947 तक बदस्तूर जारी रखा। जब 26 अक्टूबर 1947 को राज्य का देश के साथ विलय हुआ तो राज्य सरकार ने कई पुरानी व्यवस्थाएं बदल ले लेकिन दरबार मूव जारी रखा था।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरकोरोना वायरसकोरोना वायरस इंडियाकोरोना वायरस लॉकडाउनगिरीश चंद्र मुर्मूगृह मंत्रालय
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

भारतJammu-Kashmir: पाक की ओर से जम्मू सीमा पर गोलीबारी, भारतीय रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट पर हमले की कोशिश नाकाम

भारत अधिक खबरें

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव चड्डा ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

भारत‘फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार’?, निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाओ, जदयू कार्यकर्ताओं ने पटना में लगाए पोस्टर

भारतअल्पसंख्यकों पर हमला करने वाले लोगों के साथ सीएम विजयन?, राहुल गांधी ने कहा- 140 में से 100 सीट जीतकर बनाएंगे सरकार?, भाजपा 0 पर आउट?

भारतआप इधर-उधर क्यों घूम रहे हैं?, स्कूल क्यों नहीं जाते?, तो जवाब देते कि बहुत दूर, सीएम योगी ने कहा- अब भैंस के साथ नहीं खेलते बच्चे?, वीडियो

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण