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'दरोगा को दाढ़ी कटवाने की जगह छोड़ देनी चाहिए थी नौकरी', सब- इंस्पेक्टर सस्पेंड इंतेसार अली मामले में देवबंद के उलेमा का बयान

By स्वाति सिंह | Updated: October 26, 2020 20:40 IST

देवबंद के उलेमा का कहना है कि दरोगा को दाढ़ी नहीं बल्कि नौकरी ही छोड़ देनी चाहिए थी। उन्होंने दाढ़ी कटवाने को नाजायज करार दिया है। देवबंद के मदरसा जामिया फातिमा जोहरा एंग्लो अरबिक के मोहतमिम मौलाना लुत्फुर रहमान ने दारोगा इंतशार अली को नसीहत दी है।

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ठळक मुद्देबागपत जिले में तैनात सब-इंस्पेक्टर इंतसार अली की दाढ़ी पर अब विवाद शुरू हो गया है। दारुल उलूम देवबंद के उलेमा ने दरोगा के दाढ़ी रखने और उसे कटवाने को इस्लाम के खिलाफ बताया है। 

बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में तैनात सब-इंस्पेक्टर इंतसार अली की दाढ़ी पर अब विवाद शुरू हो गया है। अब सहारनपुर के दारुल उलूम देवबंद के उलेमा ने दरोगा के दाढ़ी रखने और उसे कटवाने को इस्लाम के खिलाफ बताया है। बता दें कि सब-इंस्पेक्टर इंतेसार अली को बिना अनुमति के दाढ़ी रखने पर निलंबित किया गया था, जिसके बाद उन्होंने दाढ़ी कटवाई तो बहाल कर दिया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, देवबंद के उलेमा का कहना है कि दरोगा को दाढ़ी नहीं बल्कि नौकरी ही छोड़ देनी चाहिए थी। उन्होंने दाढ़ी कटवाने को नाजायज करार दिया है। देवबंद के मदरसा जामिया फातिमा जोहरा एंग्लो अरबिक के मोहतमिम मौलाना लुत्फुर रहमान ने दारोगा इंतशार अली को नसीहत दी है।

वहीं, मौलाना लुत्फुर रहमान का कहना है कि मुसलमान अगर दाढ़ी नहीं रखता है तो शरीयत के हिसाब से जुर्म है। उन्होंने कहा कि अगर बात शरीयत और सुन्नत की आती है तो ऐसे मौके पर दाढ़ी नहीं बल्कि नौकरी ही छोड़ देनी चाहिए थी। शरीयत के हिसाब से उन्होंने बहुत बड़ा जुर्म किया है। मौलाना ने कहा कि दाढ़ी के सिलसिले में मैं यही कहूंगा कि मुसलमान का दाढ़ी ना रखना भी जुर्म है और दाढ़ी रखकर कटवा देना और बड़ा जुर्म है। मौलाना ने कहा कि इस्लाम और सुन्नत को तवज्जो ना देकर के किसी कारोबार को करना मैं समझता हूं बिल्कुल गलत है। दूसरी बात यह है कि ऐसे मौके पर अगर कहीं ऐसी बात आती है तो दाढ़ी नहीं बल्कि नौकरी छोड़ देनी चाहिए। 

बता दें कि अली को दाढ़ी हटाने के लिए तीन बार चेतावनी दी गई थी और दाढ़ी बढ़ाने को लेकर अनुमति लेने के लिए कहा गया था। हालांकि, पुलिसकर्मी ने अनुमति नहीं ली और दाढ़ी बढ़ाना जारी रखा। बाद में अली को बहाल कर दिया गया था। यह मामला यूपी के रमाला थाने का है। 

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