लाइव न्यूज़ :

भारतीय-अमेरिकी डॉक्टरों की चेतावनी, नहीं उठाए गए तत्काल कदम तो भारत में होगी कैंसर की 'सुनामी'

By भाषा | Updated: March 7, 2020 14:49 IST

Open in App
ठळक मुद्देकैंसर स्पेशलिस्टों ने चेतावनी- तत्काल जरूरी कदम नहीं उठे तो भारत में होगी 'कैंसर की सुनामी'डॉक्टर दत्तात्रेयुडू नोरी और डॉक्टर रेखा भंडारी ने अर्ली डिटेक्शन में नाकामी पर जताई चिंता

वाशिंगटन: कैंसर मरीजों के इलाज और इस क्षेत्र में अग्रणी अनुसंधान के लिए प्रख्यात भारतीय मूल के दो अमेरिकी डॉक्टर भारत में इस घातक बीमारी की “सुनामी” की आशंका को रोकना चाहते हैं। दोनों डॉक्टरों का कहना है कैंसर का जल्द पता करने और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रयास कर यह संभव है।

पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत नीलम संजीव रेड्डी जैसे शीर्ष भारतीय नेताओं का इलाज करने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कैंसर रोग विशेषज्ञ दत्तात्रेयुदु नोरी और बुजुर्गों की चिकित्सा एवं दर्द की दवाओं में विशेषज्ञता प्राप्त रेखा भंडारी ने आगाह किया है कि अगर पर्याप्त उचित एवं तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो उनका देश कैंसर की “सुनामी” की गिरफ्त में होगा।

नोरी ने कहा, “भारत में कैंसर के कारण हर दिन 1,300 लोगों की मौत हो रही है। भारत में हर साल कैंसर के करीब 12 लाख नये मामले सामने आते हैं। यह जल्द पता लगाने की कम दर और खराब इलाज के नतीजों को दर्शाता है।” उन्होंने कहा कि भारत के लोगों के लिए कैंसर गंभीर सामाजिक एवं आर्थिक परिणाम ला सकता है जिससे अक्सर परिवारों को गरीबी और सामाजिक पक्षपात का सामना करना पड़ता है। कैंसर पर अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान एजेंसी ने अनुमान जताया है कि 2030 तक हर साल करीब 17 लाख नये लोगों में कैंसर का पता चलेगा। नोरी ने कहा, “अगर हम कुछ कदम नहीं उठाते तो कैंसर सुनामी का रूप लेने के लिए तैयार है।”

इसे भारत में लोक स्वास्थ्य की बड़ी चुनौती बताते हुए पद्म श्री प्राप्त नोरी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘आयुष्मान भारत परियोजना’ और राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम स्थापित करने के फैसले से प्रेरित हैं। उन्होंने इसे सही दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम बताया।

किंग्सब्रूक ज्यूइश मेडिकल सेंटर में पीडियाट्रिक एवं पैलिएटिव प्रमुख भंडारी ने कहा कि भले ही भारत की ज्यादातर आबादी युवा है लेकिन देश को अब से 20 साल बाद तक के लिए योजना बनाने की जरूरत है जब देश बुजुर्गों की आबादी के मामले में भी सबसे आगे होगा। उन्होंने कहा कि रोग का जल्द पता लगाने और स्वास्थ्य शिक्षा समेत अगर पर्याप्त बचाव उपाय अभी नहीं किए गए और जरूरी स्वास्थ्य अवसंरचनाएं नहीं बनाईं गईं तो भारत को कल्पना से परे स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ेगा।

टॅग्स :कैंसर
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यबिहार में हर साल कैंसर से 80000 मौत?, प्रतिवर्ष 1.20 लाख नए रोगी, देश में चौथे स्थान पर बिहार, आईजीआईएमएस रिपोर्ट में खुलासा?

स्वास्थ्यस्तन एवं सर्वाइकल कैंसर की निःशुल्क जांच?, दिल्ली पुलिस मुख्यालय में 5वें CAPS शिविर का सफल आयोजन

स्वास्थ्यJammu-Kashmir: जम्‍मू कश्‍मीर में कैंसर का बढ़ता बोझ, 2018 से कश्मीर में 50,000 से ज्‍यादा मामले सामने आए

स्वास्थ्यविश्व स्वास्थ्य दिवसः वैज्ञानिक सोच से बदलेगी सेहत की तस्वीर

स्वास्थ्यपुष्पा… नाम सुनकर फ्लावर समझे क्या? फायर है मैं…”

भारत अधिक खबरें

भारतमध्य क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक अगले साल उज्जैन में, गृह मंत्री शाह करेंगे सिंहस्थ की तैयारियों का मुआयना

भारतआर्थिक तूफ़ान सर पर और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफी बाँट रहे हैं?, राहुल ने कहा-किसान, युवा, महिलाएँ, मज़दूर और छोटे व्यापारी सब रो रहे हैं, PM हंसकर रील बना रहे, वीडियो

भारतईंधन बचत का संदेश; ई-रिक्शा से मंत्रालय पहुंचे मंत्री नारायण सिंह पंवार और गौतम टेटवाल, देखें तस्वीरें

भारत30 के अंदर पीएम नरेंद्र मोदी टीवी पर आकर हाथ जोड़ेंगे?, राहुल गांधी ने कहा-हिंदुस्तान के आर्थिक सिस्टम को बेचा

भारतPM मोदी और मेलोनी की वायरल सेल्फी से फिर चर्चा में आया रोम का कोलोसियम