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India China Face Off: बातचीत चलती रहेगी लेकिन चीन के साथ टकराव के लिए भी तैयारी कर रहा भारत!

By आदित्य द्विवेदी | Updated: June 29, 2020 07:12 IST

इंडियन एक्सप्रेस ने उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से लिखा है कि चीन मसले पर शीर्ष नेतृत्व के विचार-विमर्श में टकराव और लड़ाई जैसे शब्द इस्तेमाल किए गए।

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ठळक मुद्देएलएसी पर भारत और चीन की सेनाओं पर कई मोर्चे पर तनाव बरकरार है।भारत का शीर्ष नेतृत्व इस मसले पर बातचीत और टकराव की तैयारी के साथ आगे बढ़ रहा है।

मोदी सरकार में उच्च स्तर पर इस बात की सहमति है कि चीन के साथ बातचीत चलती रहनी चाहिए लेकिन जब जरूरी लगे देश को 'मिलिट्री रिस्पॉन्स' के लिए भी तैयार रहना चाहिए। इंडियन एक्सप्रेस ने उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से लिखा है कि चीन मसले पर शीर्ष नेतृत्व के विचार-विमर्श में टकराव और लड़ाई जैसे शब्द इस्तेमाल किए गए।

इस परिचर्चा में गहनता से जुड़े एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि हम तनाव बढ़ाना नहीं चाहते लेकिन हम चीन से आगे घुटने टेक कर समझौता भी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि हम पीछे नहीं हटेंगे। उनको मुंहतोड़ जवाब देंगे।

चीन के इरादे नेक नहीं हैं

यह पूछे जाने पर की क्या सरकार ने सैन्य कार्रवाई के बाद के परिणामों पर विचार किया है? इस पर उन्होने कहा कि अगर आप दुष्प्रभावों को सोचना शुरू कर देंगे तो आगे नहीं बढ़ पाएंगे। अधिकारी ने कहा कि 20 भारतीय सैनिकों को मारने के बाद चीन की जैसी प्रतिक्रिया थी उससे नहीं लगता कि वो किसी भी तरह तनाव कम करना चाहता है। 

उन्‍होंने कहा, 'चीन ने हमारे सैनिकों की हत्‍या की और हालांकि हम उनसे यह अपेक्षा नहीं करते हैं कि वे इस पर दुख जताएं लेकिन भारत को अपने सैनिकों को जिम्‍मेदार बनाने के लिए कहना चीन के इरादों को दर्शाता है। उनकी अब तक केवल यही प्रतिक्रिया आई है कि भारत की गलती है और सैन्‍य जमावड़े के लिए भारत जिम्‍मेदार है।'

चीन ने लगातार बढ़ाई सैनिकों की संख्या

सूत्रों ने बताया कि अप्रैल में जब चीन के सैन्‍य जमावड़े की पहली खबर सामने आई थी, तभी पैट्रोलिंग और निगरानी को बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। अधिकारी ने कहा, 'बाद में चीन के लगातार सैनिकों की संख्‍या बढ़ाने पर भारत की ओर से भी उसी अनुपात में सैन्‍य जमावड़ा बढ़ाने का निर्देश दिया गया। हमने इसकी जानकारी 19 जून को सभी पार्टियों की बैठक में भी दिया था।'

मार्शल आर्ट में माहिर थे गलवान के हत्यारे

लद्दाख के गलवान घाटी में 15 जून को हुई हिंसक झड़प के बाद से भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर है. इस बीच खुलासा हुआ है कि इस झड़प से कुछ दिन पहले ही चीन ने अपनी माउंटेन डिविजन और मार्शल आर्ट में माहिर हत्यारों को सीमा के नजदीक तैनात किया था. एक रिपोर्ट के अनुसार ल्हासा में चीनी सेना ने पांच नए मिलिशिया डिवीजन को तैनात किया था. इस डिवीजन में चीन के माउंट एवरेस्ट ओलंपिक टॉर्च रिले टीम के पूर्व सदस्यों के अलावा मार्शल आर्ट क्लब के लड़ाके शामिल हैं. माना जाता है कि इन्हीं के करतूतों के कारण सीमा पर हिंसक वारदातें देखने को मिलीं. 

चीन मुद्दे पर दो-दो हाथ करने को तैयार अमित शाह

चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर बनी हुई है. कांग्रेस के हमले पर पलटवार करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा चीन के मुद्दे पर 1962 से लेकर अब तक संसद में चर्चा के लिए तैयार है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'सरेंडर' मोदी वाले ट्वीट के जवाब में शाह ने कहा, ''संसद में चर्चा होनी है, चर्चा करनी है तो आइए, 1962 से लेकर आज तक दो-दो हाथ हो जाएं. कोई चर्चा से नहीं डरता. मगर जब देश के जवान सीमा पर संघर्ष कर रहे हैं. सरकार एक स्टैंड लेकर ठोस कदम उठा रही है. उस वक्त पाकिस्तान और चीन को खुशी हो इस प्रकार के बयान किसी को नहीं देना चाहिए.'' 

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