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Independence Day: ऐसे ही स्वतंत्रता दिवस पर नहीं फहराया जाता तिरंगा! जानें भारतीय ध्वज संहिता और झंडा लहराने के खास नियम

By आजाद खान | Updated: August 7, 2023 13:16 IST

बता दें भारतीय ध्वज संहिता को 26 जनवरी 2002 को लागू किया गया था। इसके लागू होने के बाद तिरंगे के फहराने से लेकर उसे उतारने के भी नियम में बदलाव किए गए थे।

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ठळक मुद्देइस साल 15 अगस्त को भारत में 77वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। ऐसे में इस दिन हर स्कूल और ऑफिस में तिरंगा फहराया जाता है। लेकिन क्या आप तिरंगा फहराने के नियम जानते है, आइए जान लेते है।

Independence Day 2023 Celebration: इस साल 15 अगस्त 2023 को पूरे भारत में 77वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। इस दिन देशभर के सभी स्कूल्स, कॉलेज, यूनिवर्सिटी के अलावा सरकारी भवनों, प्राइवेट ऑफिस आदि में भी झंडा फहराया जाता है और आजादी की खुशी मनाई जाती है। 

लेकिन क्या आपको पता है कि तिरंगा लहराने के भी कुछ नियम है और इसे हर कोई को पालना करना बहुत ही जरूरी है। ऐसे में भारत सरकार ने साल 2002 में भारतीय ध्वज संहिता को लागू किया था जिसमें तिरंगा फहराने और उतारने को लेकर इससे जुड़े और भी नियम और कानून बनाए गए थे। 

कुछ ही दिनों में फिर से स्वतंत्रता दिवस आने वाले है, ऐसे में अगर आप भी तिरंगा को फहराना चाहते है तो आपको भी इन नियमों को जानना बहुत ही जरूरी बन जाता है। आइए इन नियमों को एक-एक करके जान लें। 

भारतीय ध्वज संहिता-स्वतंत्रता दिवस के ये हैं नियम 

हर साल 15 अगस्त को ध्वजारोहण किया जाता है और इसके कुछ नियम भी है जिसे हर कोई को पालन करना होता है। ऐसे में नियम के अनुसार, इस दिन जो कोई भी झंडा को फहराएगा उसे सब नियमों की जानकारी होनी चाहिए। इस दिन झंडे को सूर्यास्त के पहले फहराना चाहिए और सूर्यास्त के बाद इसको लहराने से मना किया जाता है। 

यही नहीं इस दिन किसी कटे-फटे और गंदा गिरंगा फहराने से मना किया जाता है। साथ ही तिरंगा के उतारने के समय का भी विशेष रूप से ध्यान रखने की जरूरत होती है और नियम के अनुसार ही इसे उतारने की इजाजत है। 

भारतीय ध्वज संहिता-कुछ और नियम

आपको बता दें कि भारतीय ध्वज संहिता साल 2002 में लागू हुआ था। इसके कुछ जरूरी नियम भी है जिसे हर कोई को जानना बहुत ही आवश्कता है। आइए जानते है। --झंडे को फहराने के लिए एक खास जगह का चयन करना चाहिए ताकि वहां से सभी को दिखाई मिल पाए।--यही नहीं झंडे का आकार आयताकार होना चाहिए और इसकी लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 की होनी चाहिए। --इसके अलावा झंडे में 24 तीलियों वाला अशोक चक्र भी होना चाहिए। --तिरंगे के बगल में कोई और झंडा होतो वह इससे थोड़ा नीचे होना चाहिए।--यही नहीं इसे फहराते हुए बिगुल भी बजाना चाहिए।--इसे फहराते समय मंच पर वक्ता सामने की ओर देखे और झंडा उसके दाहिने तरफ होना चाहिए।--यही नहीं किसी भी कीमत पर तिरंगा जमीन को छूना नहीं चाहिए।

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