In Assam, investigation will be done in case of 'sighting of Returning Officer with ballot paper' | असम में ‘मत पत्र के साथ निर्वाचन अधिकारी को देखे जाने’ के मामले में होगी जांच
असम में ‘मत पत्र के साथ निर्वाचन अधिकारी को देखे जाने’ के मामले में होगी जांच

सिलचर, नौ अप्रैल असम में कछार जिला प्रशासन ने शुक्रवार को कहा कि वह मीडिया में आई उन खबरों की जांच करेगा कि कुछ “निर्वाचन अधिकारियों” को यहां मत पत्रों के साथ देखा गया था।

जिले की उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि निर्वाचन प्रक्रिया में शामिल कोई भी अधिकारी इस कथित घटना में शामिल नहीं था।

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, “मतदान अधिकारियों को बृहस्पतिवार मत पत्रों के साथ देखा गया था।”

उन्होंने कहा, “निर्वाचन अधिकारी रात में अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करते। क्योंकि मीडिया के एक वर्ग में खबर आई है कि कुछ निर्वाचन अधिकारियों को बीती रात मत पत्रों के साथ देखा गया है, हम इसकी जांच के आदेश देंगे।”

सिलचर निर्वाचन क्षेत्र में विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण में एक अप्रैल को मतदान हुआ था।

जिला प्रशासन ने एक बयान में कहा कि एक मतदाता को डाक मत पत्र दो बार जारी किये जाने के संबंध में मीडिया में कुछ भ्रामक खबरें हैं।

उपायुक्त को उद्धृत करते हुए बयान में कहा गया कि घटना की समुचित जांच के बाद यह पाया गया कि शहर के विवेकानंद रोड इलाके की निवासी एक सरकारी विद्यालय की शिक्षिका सुमित्रा दास ने डाक मत पत्र के लिये आवेदन किया था और डाकिये ने इसे सुमित्रा दास नाम की एक दूसरी महिला को दे दिया था, जो उसी मोहल्ले में रहती हैं और प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाती हैं।

जल्ली ने कहा, “हमारी सघन जांच के बाद यह सामने आया है। मीडिया घरानों से मेरा अनुरोध है कि गलत खबरों को सनसनीखेज मत बनाएं और प्रकाशन से पहले कम से कम आरोपों पर प्रशासन को जांच करने दें।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Web Title: In Assam, investigation will be done in case of 'sighting of Returning Officer with ballot paper'

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