शिमलाः आखिरकार 18 माह बाद हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने 12 उपाध्यक्षों और 27 महासचिवों की नियुक्ति की है। 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए शिकंजा कसना शुरू हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी की हिमाचल प्रदेश इकाई के 12 नए उपाध्यक्षों और 27 नए महासचिवों की शनिवार को नियुक्ति की। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक बयान में कहा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारी समिति, अनुशासन समिति के गठन और उपाध्यक्षों, कोषाध्यक्ष तथा महासचिवों की नियुक्ति के प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी है।’’
महीनों की देरी और आंतरिक चर्चाओं के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने हिमाचल प्रदेश में एक बड़े संगठनात्मक फेरबदल को मंजूरी दे दी है, जिसमें राजनीतिक मामलों की समिति का गठन और राज्य में पार्टी संरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से अन्य महत्वपूर्ण समितियों का गठन शामिल है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।
नवगठित राजनीतिक मामलों की समिति में राज्य के शीर्ष नेता शामिल हैं, जिनमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह शामिल हैं। कुलदीप सिंह राठौर, आशा कुमारी, चंद्र कुमार, धनी राम शांडिल, हर्षवर्धन चौहान, जगत सिंह नेगी, रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह, विक्रमादित्य सिंह, राजेश धरमानी, यादविंदर गोमा, रामलाल ठाकुर, नंद लाल, आर.एस. बाली, भवानी सिंह पठानिया, केहर सिंह खाची और सुरेंद्र शर्मा जैसे कई वरिष्ठ नेताओं को भी समिति में शामिल किया गया है।
हिमाचल प्रदेश के प्रभारी महासचिव (संगठन) और राज्य से जुड़े एआईसीसी सचिव पदेन सदस्य के रूप में कार्य करेंगे। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारी समिति, अनुशासन समिति के गठन और उपाध्यक्षों, कोषाध्यक्ष और महासचिवों की नियुक्ति के प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से निम्नानुसार अनुमोदित कर दिया है।