पश्चिम और मध्य भारत में भारी बारिश का पूर्वानुमान, मुंबई के लिए ‘रेड’ अलर्ट जारी:आईएमडी

By भाषा | Published: July 21, 2021 10:58 PM2021-07-21T22:58:41+5:302021-07-21T22:58:41+5:30

Heavy rain forecast in West and Central India, 'Red' alert issued for Mumbai: IMD | पश्चिम और मध्य भारत में भारी बारिश का पूर्वानुमान, मुंबई के लिए ‘रेड’ अलर्ट जारी:आईएमडी

पश्चिम और मध्य भारत में भारी बारिश का पूर्वानुमान, मुंबई के लिए ‘रेड’ अलर्ट जारी:आईएमडी

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नयी दिल्ली, 21 जुलाई भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को कहा कि अगले तीन-चार दिनों तक पश्चिम और मध्य भारत में भारी वर्षा जारी रहने का पूर्वानुमान है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी में भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त करते हुए ‘रेड’ अलर्ट जारी किया गया है।

आईएमडी ने महाराष्ट्र के पूर्वी विदर्भ क्षेत्र भंडारा, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, यवतमाल समेत इस क्षेत्र के अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए बताया कि यहां भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

हालांकि, मौसम कार्यालय ने कहा है कि उत्तर भारत में 24 घंटे के बाद बारिश में कमी आ सकती है। आईएमडी के अनुसार रेड अलर्ट ‘चेतावनी’ का रूपक है और इसके जारी होने का मतलब है कि अधिकारी ‘स्थिति से निपटने के लिए काम में जुट जाएं।’

आईएमडी की एक विज्ञप्ति के अनुसार उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी में चक्रवात जैसी स्थिति बनी हुई है और इसके प्रभाव की वजह से अगले 48 घंटे में उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आस-पास के इलाकों में हवा का निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। ऐसे में विदर्भ क्षेत्र में 21-23 जुलाई के बीच मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया कि पूर्वी विदर्भ के ज्यादातर दूरदराज के इलाके में भारी से भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। नागपुर, विदर्भ क्षेत्र का सबसे बड़ा शहर है और यहां शाम पांच बजकर 30 मिनट तक पिछले 24 घंटे में 25.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।

मराठावाड़ा क्षेत्र में भी बृहस्पतिवार तक व्यापक बारिश होने की संभावना है और इसके बाद बारिश की तीव्रता कम हो सकती है।

मौसम विज्ञान विभाग कार्यालय के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र तथा कर्नाटक के बीच तट पर कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है जिससे अक्सर अरब सागर से जमीन पर नमी वाली पश्चिमी हवाएं चलती हैं।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा महाराष्ट्र में पूर्वी-पश्चिमी पवन प्रणालियां हैं और इससे मानसून के अनुकूल परिस्थितियां बन रही है। अधिकारी ने कहा, ‘‘कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र विशेष तौर पर घाट वाले इलाकों में बहुत भारी बारिश के लिए दो समसामयिक प्रणालियां हैं।

अगले चार-पांच दिनों तक पश्चिमी तट, गुजरात आदि क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 21-22 जुलाई को कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भी अत्यधिक भारी वर्षा होने का अनुमान है।

इसके साथ ही पूर्वी और मध्य भारत में 21 से 24 जुलाई के बीच कहीं भारी और कहीं बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। 21-22 जुलाई को तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तथा 22 जुलाई को छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी कहीं कहीं भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान है।

आईएमडी ने कहा कि अगले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर बिजली चमकने के साथ मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।

मौसम कार्यालय के अनुसार 24 घंटों के बाद उत्तर पश्चिम भारत में बारिश की तीव्रता और कम होने का अनुमान है।

दिल्ली के कई हिस्सों में बुधवार को हल्की बारिश हुई, लेकिन सप्ताहांत के बीच मौसम सूखा ही रहने का पूर्वानुमान है और इसके बाद फिर से एक बार मानसून सक्रिय होगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी।

राजधानी में अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

अगले तीन से चार दिन तक अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

मौसम कार्यालय ने बताया कि नजफगढ़ के स्वचालित मौसम केंद्र में बुधवार को 3.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। नरेला और मयूर विहार में भी हल्की बारिश हुई। दिल्ली में सुबह आठ बजकर 30 मिनट तक पिछले 24 घंटे में 60.3 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। रविवार और सोमवार को क्रमश: 69.6 मिमी और 38.4 मिमी बारिश दर्ज हुई।

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में 25 जुलाई तक ज्यादा बारिश नहीं होगी। वहीं 26 जुलाई से शहर में फिर से अच्छी बारिश होगी। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में मानसून की अच्छी बारिश ने दिल्ली में बारिश की कमी को पूरा कर दिया।

उत्तराखंड के चंपावत जिले में टनकपुर-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार बारिश से हुए भूस्खलन के कारण करीब दो दर्जन लोग अब भी फंसे हुए हैं जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले में बादल फटने से प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया । चंपावत के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडे ने बताया कि लगातार बारिश के दौरान मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर आठ स्थानों पर पहाडों से हुए भूस्खलन के चलते यातायात बंद हो गया था जिससे करीब 150 लोग फंस गए थे ।

मुख्यमंत्री उत्तरकाशी में बादल फटने से प्रभावित गांवों मांडौ और कंकराडी की स्थिति का जायजा लेने के लिए वहां पहुचे और उन्होंने प्रभावितों को सरकार से हर संभव मदद का भरोसा दिया ।

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में लगातार बारिश होने से अलग-अलग घटनाओं में छत और दीवार गिरने से सात लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। मौसम विभाग ने बुधवार के अपने बुलेटिन में बताया कि राज्य में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ छींटे पड़े। इसमें बताया गया कि खीरी, बरेली, बाराबंकी, सीतापुर, गोरखपुर, बहराइच, बांदा, अलीगढ़ और महराजगंज में बारिश हुई।

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि बृहस्पतिवार को राज्य में अधिकांश स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है और चेतावनी दी है कि अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने तथा गरज के साथ बौछारें पड़ सकती है।

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Web Title: Heavy rain forecast in West and Central India, 'Red' alert issued for Mumbai: IMD

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