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बेटी आरती को टिकट दिलाने के लिए मोदी कैबिनेट से इस्तीफा देने को भी तैयार हैं राव इंद्रजीत सिंह

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: September 30, 2019 08:46 IST

परिवारवाद आरोपों से बचने के लिए भाजपा आलाकमान किसी मंत्री, सांसद या विधायक के बेटे-बेटियों को टिकट नहीं देना चाहता.

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ठळक मुद्देकेंद्रीय सामाजिक अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुज्जर भी अपने बेटे देवेंद्र चौधरी को फरीदाबाद जिले की तिगांव सीट से चुनाव लड़ाने के इच्छुक हैं. मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के साथ राव इंद्रजीत सिंह के ताल्लुक ठीक नहीं हैं.

केंद्रीय सांख्यिकी व कार्यक्र म क्रि यान्वयन राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह अपनी बेटी आरती राव को टिकट दिलाने के लिए मंत्री पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं. राव बेटी को हरियाणा में रेवाड़ी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ाने के इच्छुक हैं. लेकिन परिवारवाद आरोपों से बचने के लिए भाजपा आलाकमान किसी मंत्री, सांसद या विधायक के बेटे-बेटियों को टिकट नहीं देना चाहता.

राव इस बात से खफा हैं कि यह फार्मूला उनके लिए ही क्यों लागू किया जा रहा है. उन्होंने भाजपा आलाकमान को याद दिलाया है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह राज्यसभा के सदस्य हैं. उनके बेटे बृजेंद्र सिंह हिसार लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और उनकी पत्नी प्रेमलता उचानाकलां क्षेत्र से विधायक हैं. भाजपा प्रेमलता को फिर से टिकट देने जा रही है. राव ने आलाकमान को एक सूची भेजी है, जिसमें कई भाजपा नेताओं के परिजन विभिन्न पदों पर रहते हुए सत्ता सुख ले रहे हैं.

केंद्रीय सामाजिक अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुज्जर भी अपने बेटे देवेंद्र चौधरी को फरीदाबाद जिले की तिगांव सीट से चुनाव लड़ाने के इच्छुक हैं. राव का मानना कि गुज्जर केंद्र में मंत्री हैं और उनके बेटे के पास इस समय फरीदाबाद नगर निगम में वरिष्ठ उप महापौर की जिम्मेदारी है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के इस बयान के बाद कि पार्टी के किसी भी मंत्री, सांसद या विधायक के परिजनों को चुनाव में टिकट नहीं दिया जाएगा, राव ने एक सूची भेज कर भाजपा आलाकमान को आईना दिखा दिया है.

खट्टर के साथ ताल्लुक ठीक नहीं

मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के साथ राव के ताल्लुक ठीक नहीं हैं. कुछ दिन पहले अपने मंच से खट्टर की तारीफ करने पर राव ने कोसली के विधायक विक्र म ठेकेदार से माइक छीन लिया था. पूर्व मंत्री जगदीश यादव को भाजपा में शामिल करने पर भी उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि दल बदलुओं को विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं लेने देंगे. माना जा रहा है कि खट्टर अहीरवाल की राजनीति में राव को कमजोर करना चाहते हैं. अगर आरती राव को टिकट नहीं मिली तो लोगों में अपने आप यह संदेश चला जाएगा कि भाजपा आलाकमान की तरफ से केंद्र में मंत्री होने के बावजूद राव को कोई भाव नहीं दिया जा रहा है.

टॅग्स :हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019असेंबली इलेक्शन २०१९राव इंद्रजीत सिंहमोदी सरकार
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