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गुजरात: निजी स्कूल ने जबरन छात्रों से लिखवाया, "मैं नागरिकता कानून के लिए पीएम मोदी को बधाई देता हूं"

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 9, 2020 09:15 IST

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार, 10वीं कक्षा के छात्र जो प्री-बोर्ड एग्जाम देने पहुंचे थे, उन्हें भी इस संदेश की फोटोकॉपी दी गई थी।

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ठळक मुद्दे इस घटना की सूचना मिलते ही बुधवार को दर्जनों अभिभावक ट्रस्टी के ऑफिस पहुंचे।स्कूल प्रबंधन ने माता-पिता से माफी मांगी और पोस्टकार्ड लौटा दिए।

"बधाई हो। मैं, भारत का नागरिक, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नागरिकता संशोधन कानून के लिए बधाई देता हूं। मैं और मेरा परिवार इस अधिनियम का समर्थन करते हैं।" अहमदाबाद के एक निजी स्कूल ने मंगलवार (7 जनवरी) को पीएम मोदी को ये संदेश लिखने के लिए कक्षा पांच से लेकर दस तक के छात्रों को कहा। हालांकि बुधवार को माता-पिता के विरोध के बाद स्कूल प्रबंधन ने माफी मांगी। माता-पिता को पोस्टकार्ड्स भी लौटा दिया गया।

यह घटना अहमदाबाद के कांकरिया इलाके में गुजरात माध्यमिक और उच्च शिक्षा बोर्ड से संबद्ध लिटिल स्टार स्कूल में हुई। कुछ अभिभावकों के अनुसार, मंगलवार को कक्षाओं के दौरान, शिक्षकों ने ब्लैकबोर्ड पर बधाई संदेश लिखा और छात्रों से पोस्टकार्ड पर उन्हें कॉपी करने के लिए कहा। छात्रों को अपने निवास के पते के साथ "पीएमओ, साउथ ब्लॉक सचिवालय भवन, रायसीना हिल्स, नई दिल्ली" को संबोधित करते हुए इन पोस्टकार्ड को जमा करने के लिए कहा गया था।

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार, 10वीं कक्षा के छात्र जो प्री-बोर्ड एग्जाम देने पहुंचे थे, उन्हें भी इस संदेश की फोटोकॉपी दी गई थी। एक अभिभावन ने कहा,  “मेरी बेटी छठी कक्षा में पढ़ती है। मुझे मंगलवार शाम को पता चला कि उसके शिक्षक ने पूरी कक्षा को सीएएन के समर्थन में पीएम मोदी को पत्र लिखने के लिए कहा था। मेरा बच्चा इस मुद्दे को नहीं समझता है। उसे एक हिस्सा बनने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो हमारे लिए अस्वीकार्य है।”

एक अभिभावक ने बताया, "दसवीं कक्षा के छात्र को भी परीक्षा के दौरान पोस्टकार्ड लिखने के लिए कहा गया था। जब उन्होंने विरोध किया तो कहा गया, जो लोग ये पोस्टकार्ड जमा नहीं करेंगे, उन्हें प्री-बोर्ड में अंक नहीं दिए जाएंगे। हमारे अनुमति के बिना हमारे निवास के पते का उल्लेख करने का उद्देश्य क्या है।" इस घटना की सूचना मिलते ही बुधवार को दर्जनों अभिभावक ट्रस्टी के ऑफिस पहुंचे। स्कूल प्रबंधन ने माता-पिता से माफी मांगी और पोस्टकार्ड लौटा दिए।

स्कूल प्रबंधन ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने यह पोस्टकार्ड लिखवाने का काम किसी भी पार्टी के प्रभाव में किया था। स्कूल के ट्रस्टी जिनेश परसराम ने कहा, “इस मुद्दे को सुलझा लिया गया है, यह कुछ शिक्षकों द्वारा अधिकार का दुरुपयोग करने का मामला था। कुछ शिक्षकों ने मंगलवार को कुछ कक्षाओं में बिना मेरी जानकारी के यह काम किया। हमने अभिभावकों को पोस्टकार्ड लौटाए। बता दें कि स्कूल में नर्सरी से 10वीं तक 1200 छात्र पढ़ते हैं। 

टॅग्स :नागरिकता संशोधन कानूनकैब प्रोटेस्टगुजरातनरेंद्र मोदी
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