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छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी का 74 साल की उम्र में निधन, कार्डियक अरेस्ट के बाद 20 दिन से थे अस्पताल में भर्ती

By सुमित राय | Updated: May 29, 2020 16:18 IST

अजीत जोगी 9 मई को व्हीलचेयर पर गार्डन में घूम रहे थे और उसी दौरान वह अचानक बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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ठळक मुद्देछत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी का शुक्रवार को 74 वर्ष का उम्र में निधन हो गया।नौकरशाह से नेता बने अजित जोगी को इस महीने की शुरुआत में कार्डियक अरेस्ट हुआ था।

छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रमुख अजीत जोगी का शुक्रवार को 74 वर्ष का उम्र में निधन हो गया। जोगी के परिवार में उनकी पत्नी रेणु जोगी और बेटे अमित जोगी हैं। नौकरशाह से नेता बने अजित जोगी को इस महीने की शुरुआत में कार्डियक अरेस्ट हुआ था और वह करीब 20 दिन से रायपुर के एक अस्पताल में भर्ती थे। अजीत जोगी के बेटे अमित ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार शनिवार को उनकी जन्मभूमि गौरेला में होगा।

रायपुर स्थित श्री नारायणा अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉक्टर सुनील खेमका ने बताया कि 74 वर्षीय जोगी ने दोपहर बाद 3.30 बजे अंतिम सांस ली। खेमका ने बताया कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रमुख अजीत जोगी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें नौ मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब से उनकी हालत नाजुक थी।

उन्होंने बताया कि आज दोपहर बाद उन्हें लगभग डेढ़ बजे दिल का दौरा पड़ा और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। अस्पताल के चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सके।

जोगी परिवार के सदस्यों के अनुसार अजीत जोगी नौ मई को सुबह व्हीलचेयर पर गार्डन में घूम रहे थे और उसी दौरान वह अचानक बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती किए जाने के बाद से उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। 

अमित जोगी ने ट्वीट कर जताया दुख

अजीत जोगी निधन के बाद उनके बेटे अजीत जोगी ने ट्वीट कर दुख व्यक्त किया और लिखा, "वेदना की इस घड़ी में मैं निशब्द हूं। परम पिता परमेश्वर माननीय अजीत जोगी जी की आत्मा को शांति और हम सबको शक्ति दे। उनका अंतिम संस्कार उनकी जन्मभूमि गौरेला में कल होगा।"

अमित ने आगे लिखा, "20 वर्षीय युवा छत्तीसगढ़ राज्य के सिर से आज उसके पिता का साया उठ गया। केवल मैंने ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ ने नेता नहीं, अपना पिता खोया है। माननीय अजीत जोगी जी ढाई करोड़ लोगों के अपने परिवार को छोड़ कर, ईश्वर के पास चले गए।गांव-गरीब का सहारा, छत्तीसगढ़ का दुलारा, हमसे बहुत दूर चला गया।"

1 नवंबर 2000 को बने थे छत्तीसगढ़ के पहले सीएम

भारतीय प्रशासनिक सेवा से राजनीति में आए अजीत जोगी वर्तमान में मारवाही क्षेत्र से विधायक थे। वह साल 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के दौरान राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने और साल 2003 तक मुख्यमंत्री रहे। राज्य में वर्ष 2003 में हुए विधानसभा के पहले चुनाव में कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी से पराजित हो गई थी। राज्य में कांग्रेस नेताओं से मतभेद के चलते जोगी ने वर्ष 2016 में नयी पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का गठन कर लिया था और वह उसके प्रमुख थे।

बिलासपुर के पेंड्रा में जन्मे अजीत ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उसके बाद उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा ज्वॉइन की और मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के सुझाव पर राजनीति में आ गए। उन्होंने कई बार विधानसभा और लोकसभा के चुनाव जीत दर्ज की। 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद अजीत जोगी पहले मुख्यमंत्री बनाए गए।

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