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हाफिज सईद को UN से खर्चे की मंजूरी मिलने पर दिग्विजय सिंह ने बोला PM मोदी पर हमला, कहा- आपके रहते यह क्या हो रहा है

By रामदीप मिश्रा | Updated: September 27, 2019 15:50 IST

हाफिज को दिसंबर 2008 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 1267 प्रस्ताव के तहत आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। सईद नीत जमात-उद-दावा को लश्कर का मुखौटा संगठन माना जाता है जो 2008 के मुंबई हमलों के लिये जिम्मेदार है।

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ठळक मुद्देमध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है और ट्वीट कर उनपर तंज कसा है।पाकिस्तान के अनुरोध पर जमात-उद-दावा प्रमुख और मुंबई हमलों के सरगना हाफिज सईद को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आतंक रोधी समिति ने बुनियादी जरूरतों पर खर्चे के लिए अपने बैंक खाते से रकम निकालने की अनुमति दे दी।

पाकिस्तान के अनुरोध पर जमात-उद-दावा प्रमुख और मुंबई हमलों के सरगना हाफिज सईद को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आतंक रोधी समिति ने बुनियादी जरूरतों पर खर्चे के लिए अपने बैंक खाते से रकम निकालने की अनुमति दे दी। इसके बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है और ट्वीट कर उनपर तंज कसा है।

दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'क्या गजब का विरोधाभास? संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान के अनुरोध पर एक घोषित आतंकवादी हाफिज सईद को, जिसके सिर पर 10 मिलियन इनाम है उसको खर्चे की अनुमति दे दी। मोदी जी आपके रहते हुए यह क्या हो रहा है? अपने मित्र ट्रम्प साहब से कुछ कह कर इसका विरोध करना चाहिए।' बता दें हाफिज को दिसंबर 2008 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 1267 प्रस्ताव के तहत आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। सईद नीत जमात-उद-दावा को लश्कर का मुखौटा संगठन माना जाता है जो 2008 के मुंबई हमलों के लिये जिम्मेदार है। इस हमले में 166 लोगों की मौत हो गई थी।

जमात-उद-दावा प्रमुख और मुंबई हमलों के सरगना हाफिज सईद पर संयुक्त राष्ट्र की ओर से आतंकवादी घोषित है और उसके ऊपर अमेरिका ने एक करोड़ अमेरिकी डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है। उसे 17 जुलाई को आतंकवादी गतिविधियों के लिये धन मुहैया कराने के एक मामले में गिरफ्तार कर कड़ी सुरक्षा के बीच लाहौर की कोट लखपत जेल में रखा गया है।

संयुक्त राष्ट्र प्रावधानों के मुताबिक सभी राष्ट्रों को इस सूची में शामिल व्यक्ति की वित्तीय संपत्ति या आर्थिक संसाधन और धनराशि पर रोक लगाना होता है। प्रस्ताव में राष्ट्रों को प्रतिबंधित व्यक्ति के मूलभूत खर्चे के लिए अनुमति देने का भी प्रावधान है, बशर्ते कि किसी को इस पर आपत्ति नहीं हो। 

इस्लामिक स्टेट, अलकायदा जैसे आतंकी समूहों और संबद्ध लोगों और संगठनों के मामलों पर सुनवाई करने वाली 1267 समिति ने कहा था  कि मसौदा प्रस्ताव पर विचार के लिए 15 अगस्त 2019 की तय समय सीमा तक किसी ने आपत्ति नहीं की। इसलिए पत्र मंजूर कर लिया गया और अध्यक्ष इसे भेजने के लिए सचिवालय को निर्देश देंगे। 

सुरक्षा परिषद की तरफ से निर्धारित समय सीमा के भीतर किसी तरह की आपत्ति नहीं आने पर इसे मंजूरी दी गयी। इस तरह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समिति प्रस्ताव ने हाफिज मोहम्मद सईद, हाजी मुहम्मद अशरफ, जफर इकबाल के मूलभूत खर्चे को लेकर रकम के वास्ते पाकिस्तानी सरकार को अधिकृत किया है। 

 

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