लाइव न्यूज़ :

16 फरवरी को नहीं होंगे दिल्ली मेयर चुनाव; मनोनीत सदस्य नहीं कर सकते मतदान, सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

By अंजली चौहान | Updated: February 13, 2023 18:24 IST

कोर्ट में याचिकार्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पीठ को बताया कि संविधान के अनुच्छेद 243आर ने इसे बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि मनोनीत सदस्यों को सदन में वोट देने का हक नहीं है।

Open in App
ठळक मुद्देसुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली मेयर चुनाव को लेकर की अहम टिप्पणी मनोनीत सदस्य सदन में नहीं कर सकेंगे मतदान- सुप्रीम कोर्टदिल्ली मेयर चुनाव 16 फरवरी तक स्थगित हो गए है

नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एमसीडी मेयर चुनाव को लेकर अहम टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "मनोनीत सदस्य एमसीडी मेयर चुनाव में वोट नहीं दे सकते हैं।" इस फैसले के साथ ही अदालत मामले की 17 फरवरी 2023 को सुनाई करने वाली है। 

शीर्ष अदालत की ये टिप्पणी मौखिक की गई है और 16 फरवरी तक कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया है। गौरतलब है कि फिलहाल 16 फरवरी को मेयर के लिए होने वाला चुनाव नहीं होगा। 

दरअसल, आम आदमी पार्टी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। आम आदमी पार्टी की नेता शैली ओबेरॉय ने याचिका में मनोनीत सदस्यों को महापौर के चुनाव में मतदान करने से प्रतिबंधित करने की मांग की थी। 

कोर्ट में चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने सुनवाई को 17 फरवरी तक स्थगित करते हुए कहा कि मनोनीत सदस्य चुनाव के लिए नहीं जा सकते हैं, यह संवैधानिक प्रावधान बहुत स्पष्ट है। 

 गौतलब है कि इस संबंध में दिल्ली के उपराज्यपाल की ओर से पेश हुए एएसजी संजय जैन ने पीठ से कहा कि अदालत मामले की सुनवाई होने चक चुनाव स्थगित कर सकती है। 

दिल्ली मेयर चुनाव का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली नगर निगम चुनाव को हुए करीब 2 महीने बीत चुके हैं लेकिन अभी तक दिल्ली मेयर का चुनाव संभव नहीं हो सका है। पिछले तीन बार से जब भी सदन में चुनाव का आयोजन किया गया तो 'आप' और बीजेपी के पार्षदों द्वारा जोरदार हंगामे के कारण चुनाव टल गया। दिल्ली के एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 134 सीटें प्राप्त कर जीत हासिल की है, वहीं बीजेपी को 104 वार्ड पर जीत मिली है।

ऐसे में आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि वह अपने पार्षदों को सदन में हंगामा करने के लिए कहते हैं ताकि मेयर का चयन न हो सके। सुप्रीम कोर्ट के पास आज सुनवाई के लिए समय कम होने के कारण कोर्ट ने 17 फरवरी तक सुनवाई स्थगित कर दी है।

कोर्ट में याचिकार्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पीठ को बताया कि संविधान के अनुच्छेद 243आर ने इसे बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि मनोनीत सदस्यों को सदन में वोट देने का हक नहीं है। बता दें कि शैली ओबेरॉय की याचिका में दिल्ली नगर निगम के सदन के प्रोटेम पीठासीन अधिकारी को हटाने की भी मांग की गई है।

टॅग्स :सुप्रीम कोर्टAam Aadmi Partyदिल्लीdelhi
Open in App

संबंधित खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

भारतLPG Cylinder Update: सिलेंडर के लिए अब लंबी वेटिंग खत्म! दिल्ली में बस ID कार्ड दिखाओ और 5KG सिलेंडर पाओ

भारत अधिक खबरें

भारतKotma Building Collapses: 4 मंजिला इमारत हुई जमींदोज, 2 लोगों की मलबे में दबकर मौत; कई अब भी फंसे

भारतगोदाम में भर रहे थे नाइट्रोजन गैस?, विस्फोट में 4 की मौत और 2 घायल

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?