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देश में अपराध सबसे अधिक यूपी में, एक साल में 3,10,084 FIR, भारत में कुल 30,62,579 मामले दर्ज

By भाषा | Updated: October 22, 2019 20:16 IST

2017 के लिए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, केरल और दिल्ली का नंबर आता है।

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ठळक मुद्देबिहार अपराध के लिहाज से छठे स्थान पर आता है। देशभर में 2017 में कुल 30,62,579 मामले दर्ज किये गये थे।रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरे साल अपराधों का ग्राफ ऊपर की ओर जाता दिखाई दे रहा है।

देश में अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है जहां एक साल में तीन लाख से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गयीं। 2017 के लिए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, केरल और दिल्ली का नंबर आता है।

बिहार अपराध के लिहाज से छठे स्थान पर आता है। देशभर में 2017 में कुल 30,62,579 मामले दर्ज किये गये थे। 2015 में इनकी संख्या 29,49,400 और 2016 में 29,75,711 थी। 2017 के आंकड़े एक साल से भी अधिक समय की देरी के बाद कल रात जारी किये गये। आंकड़ों के अनुसार देश की सबसे अधिक आबादी वाले उत्तर प्रदेश में उस साल 3,10,084 मामले दर्ज किये गये थे और देशभर में दर्ज कुल मामलों का लगभग 10 प्रतिशत है जो सर्वाधिक है।

रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरे साल अपराधों का ग्राफ ऊपर की ओर जाता दिखाई दे रहा है। राज्य में 2015 में 2,41,920 और 2016 में 2,82,171 मामले दर्ज किये गये थे। महाराष्ट्र में देश में दर्ज कुल मामलों के 9.4 फीसदी आपराधिक मामले दर्ज किये गये। यहां 2017 में 2,88,879 प्राथमिकियां दर्ज की गयी थीं।

एनसीआरबी के अनुसार 2015 में राज्य में 2,75,414 और 2016 में 2,61,714 मामले दर्ज किये गये थे। इसी तरह मध्य प्रदेश में 2017 में अपराध की 2,69,512 प्राथमिकियां दर्ज की गयीं। एनसीआरबी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे कुछ राज्यों ने ‘वाहन चोरी’ और ‘अन्य चोरी’ जैसे अपराधों की कुछ श्रेणियों के तहत ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज करने की नागरिक हितैषी सेवा मुहैया कराई है।

एनसीआरबी की सूची में चौथे स्थान पर केरल, पांचवें स्थान पर दिल्ली और छठे स्थान पर बिहार आता है। दिल्ली में 2017 में अपराध के मामलों में 2,32,066 प्राथमिकी दर्ज की गयी थीं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन एनसीआरबी का काम अपराध के आंकड़ों को एकत्रित करना और उनका विश्लेषण करना होता है। 

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