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नंदीग्राम की असलियत पर माकपा का रुख सही साबित हुआ : येचुरी

By भाषा | Updated: April 1, 2021 20:59 IST

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नयी दिल्ली, एक अपैल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा एक समय अपने वफादार रहे और मौजूदा प्रतिद्वंद्वी शुभेन्दु अधिकारी पर नंदीग्राम में 2007 की हिंसा में संलिप्त रहने का आरोप लगाए जाने के कुछ दिनों बाद माकपा ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस टिप्पणी से पार्टी के रुख की पुष्टि हुई है और ‘‘घटना के पीछे की असलियत’’ सामने आ गयी है। नंदीग्राम की हिंसा में 14 लोगों की मौत हो गयी थी।

बनर्जी ने रविवार को एक जनसभा में आरोप लगाया था कि शुभेन्दु अधिकारी और उनके पिता शिशिर अधिकारी दोनों ने 2007 में नंदीग्राम में पुलिस को प्रवेश करने की अनुमति दी थी। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया था कि पिता-पुत्र की जोड़ी ने पूर्वी मेदनीपुर जिले में ‘‘चप्पल पहने पुलिसकर्मियों’’ को गांवों में दाखिल होने की अनुमति दी थी।

नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ विरोध कर रहे 14 ग्रामीण 14 मार्च 2007 को पुलिस की गोलीबारी में मारे गए थे। माकपा नीत वाम मोर्चा उस समय पश्चिम बंगाल में सत्ता में थी।

बनर्जी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि टिप्पणियों से एक दशक पहले हुई घटना पर उनकी पार्टी के रुख की पुष्टि होती है।

येचुरी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘दक्षिण पंथी आरएसएस से लेकर अति वाम और माओवादियों सभी ने गिरोह बनाया और 2007 में नंदीग्राम में अशांति फैलाने के लिए हथियार लेकर आए। अब हर चीज उजागर हो चुकी है। ममता और अधिकारी परिवार ने इसकी पुष्टि कर दी है। ’’

येचुरी ने कहा, ‘‘ऐसी खबरें आयी हैं कि शुभेन्दु अधिकारी ने दावा किया कि ममता को चलायी गयी एक-एक गोली और किन पर गोलीबारी की गयी, इस बारे में सबकुछ पता था। सच उजागर हो चुका है लेकिन इसे स्वीकार करने में 10 साल से ज्यादा समय लग गए।’’

उन्होंने कहा कि नंदीग्राम में बृहस्पतिवार को हुई हिंसा का असर मतदान पर पड़ेगा।

येचुरी ने कहा, ‘‘नगर में हिंसा अब भी जारी है और लोगों को वोट के लिए जाने नहीं दिया जा रहा है। चुनाव आयोग इस मामले पर चुप है।’’

भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए विपक्षी दलों को बनर्जी के पत्र के बारे में पूछे जाने पर येचुरी ने कहा कि माकपा 2019 के आम चुनाव के समय से ही सभी धर्मनिरपेक्ष, गैर भाजपा दलों से ऐसा रुख अपनाने के लिए कह रही है।

उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो से उनकी पार्टी को ऐसा कोई पत्र नहीं मिला है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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