लाइव न्यूज़ :

Coronavirus: फोन, ग्लास व बैंक नोट पर कितने दिनों तक जीवित रह सकता है कोरोना वायरस?, रिसर्च में आया ये सामने

By अनुराग आनंद | Updated: October 12, 2020 15:39 IST

रिसर्च में यह बात सामने आई है कि 30 डिग्री तापमान पर कोरोना वायरस के एक्टिव रहने की दर घटकर 7 दिन पर आ जाती है। इसके अलावा, पढ़ें किस स्थिति में कोरोना वायरस लंबे समय तक जीवित रहता है।

Open in App
ठळक मुद्दे40 डिग्री तापमान पर कोरोना वायरस के जीवित रहने का समय सिर्फ 24 घंटे रह जाती है।रिसर्च के हिसाब से देखें तो मौसम के बदलने के साथ कोरोना वायरस के मामले में व संक्रमण के फैलाव में तेजी आ सकती है। 

नई दिल्ली: देश और दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले अब भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में एक बेहद चौंकाने वाला रिसर्च सामने आया है। इंडियन एक्सप्रेस की मानें तो रिसर्च के बाद वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है कि 20 डिग्री सेल्सियस पर कोरोना सबसे ज्यादा खतरनाक होता है।

यही नहीं इस रिसर्च में यह भी सामने आया कि चिकने और सपाट सतह जैसे मोबाइल फोन की स्क्रीन, ग्लास, स्टील और प्लास्टिक नोटों आदि पर 28 दिन तक एक्टिव रह सकता है। मिल रही जानकारी की मानें तो रिसर्चर्स ने कोरोना वायरस को तीन तापमान पर एक्टिव रहने का अध्ययन किया। 

इस दौरान रिसर्च करने वाले इन वैज्ञानिकों को पता चला कि वायरस के एक्टिव रहने की दर तापमान में बढ़ोत्तरी के साथ कम होती गई है। वैज्ञानिकों के अनुसार, 20 डिग्री सेल्सियस पर कोरोना सबसे ज्यादा खतरनाक होता है और चिकने और सपाट सतह जैसे मोबाइल फोन की स्क्रीन, ग्लास, स्टील और प्लास्टिक नोटों आदि पर 28 दिन तक एक्टिव रह सकता है।

इसके अलावा, 30 डिग्री तापमान पर कोरोना वायरस के एक्टिव रहने की दर घटकर 7 दिन पर आ गई और 40 डिग्री तापमान पर यह दर सिर्फ 24 घंटे रह गई। इस रिसर्च से एक और बात जो सामने आ रही है वह यह कि मौसम के बदलने के साथ कोरोना के मामले में व संक्रमण के फैलाव में तेजी आ सकती है। 

इस बीच एक चिकित्सा विशेषज्ञ ने भी चेताया कि भारत में दीपावली के दौरान इस महामारी के मामलों की संख्या फिर से बढ़ सकती है। महाराष्ट्र में कोविड-19 पर राज्य की तकनीकी समिति के सदस्य डा. सुभाष सालुंखे ने कहा, 'मुझ सहित कई स्वास्थ्य अधिकारियों की राय है कि हमें दीपावली के त्योहार तक कोई राहत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। क्योंकि लोग इस अवधि के दौरान अधिक बाहर जाते हैं, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है।'

उन्होंने कहा, 'पिछले कुछ दिनों में दैनिक मामलों में मामूली गिरावट को स्थिर स्थिति की तरह नहीं समझा जाना चाहिए। एक दूसरी लहर के बारे में भूल जाओ, पहली लहर दिवाली तक खत्म नहीं होगी।' 

टॅग्स :कोरोना वायरसकोविड-19 इंडियाइंडियासाइंटिस्ट
Open in App

संबंधित खबरें

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह