लखनऊ (उप्र), 18 फरवरी लखनऊ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने कोरोना वायरस संक्रमण फैलाने तथा अन्य आरोपों में गिरफ्तार किए गए तबलीगी जमात के 17 सदस्यों को बरी कर दिया है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुशील कुमारी की अदालत ने बुधवार को यह फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियुक्तों के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई भी सबूत नहीं है। अदालत ने तबलीगी जमात के 17 सदस्यों को बरी करने का आदेश दिया, जिनमें से सात इंडोनेशियाई नागरिक हैं।
इन विदेशी नागरिकों ने अदालत में दलील दी थी कि वे 20 जनवरी, 2020 को वैध वीजा और पासपोर्ट के जरिए भारत आए थे, जबकि इंडोनेशिया में कोविड-19 का पहला मामला दो मार्च, 2020 को सामने आया था।
तबलीगी जमात के इन सदस्यों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं तथा विदेशी अधिनियम और महामारी अधिनियम के तहत एक अप्रैल, 2020 को मामला दर्ज किया गया था।
अभियुक्तों ने अदालत से कहा था कि उनके खिलाफ कोई भी सुबूत नहीं है, लिहाजा अदालत उनकी दलीलों को स्वीकार करे।
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