Counting of three-tier panchayat elections in Uttar Pradesh completed | उत्‍तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की मतगणना पूरी, भाजपा और सपा सहित कांग्रेस का भी अच्छे प्रदर्शन का दावा
यूपी में पंचायत चुनाव की मतगणना पूरी

Highlightsपंचायत चुनाव की मतगणना रविवार सुबह आठ बजे शुरू हुई थी और मंगलवार रात इसे पूरा किया गयाउत्तर प्रदेश के 75 जिलों में चार चरणों में पंचायत चुनाव के लिए मत डाले गए थेपंचायत चुनाव में तीन लाख से ज्यादा उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के पदों के लिए पिछले महीने चार चरणों में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना रविवार सुबह आठ बजे से शुरू होकर मंगलवार की रात पूरी हो गई।

राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्ह पर नहीं बल्कि अन्य प्रतीक चिन्हों के आधार पर संपन्न हुआ जिसका फायदा उठाते हुए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी जीत के अलग-अलग दावे किये हैं। हालांकि राजनीतिक दलों ने जिला पंचायत सदस्य के पदों के लिए अपने-अपने समर्थित उम्मीदवारों की सूची जारी की थी।

राज्‍य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को बयान जारी करके कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन के अंतर्गत सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत और सदस्य क्षेत्र पंचायत की मतगणना पूरी हो गई है।

आयोग के अनुसार कुछ जिलों में जिला पंचायत के सदस्यों की गणना शीट विकास खंडों से तैयार होकर जिला स्‍तरीय अधिकारियों के पास कंपाइल करने के लिए भेजी गई है। गणना शीट से मिलान करने के बाद जिला स्तरीय निर्वाचन अधिकारी द्वारा परिणाम घोषित करने की कार्यवाही की जा रही है।

आयोग ने निर्देश दिया है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रमाण पत्र देने में विलंब न किया जाए और यदि किसी जिले में प्रमाण पत्र देने में सप्रमाण शिकायत हुई तो उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में चार चरणों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मत डाले गए थे। पहले चरण में 15 अप्रैल, दूसरे में 19 अप्रैल, तीसरे में 26 अप्रैल और चौथे चरण में 29 अप्रैल को मतदान हुआ था। राज्य में चारों चरणों में ग्राम पंचायत प्रधान के 58,194, ग्राम पंचायत सदस्य के 7,31,813, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 75,808 तथा जिला पंचायत सदस्य के 3,051 पदों के लिए मत डाले गये।

पंचायत चुनाव: तीन लाख से ज्यादा उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए

आयोग के अनुसार, जिला पंचायत सदस्य के सात, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 2,005, ग्राम पंचायत प्रधान के 178 और ग्राम पंचायत सदस्य के 3,17,127 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। इस प्रकार राज्य में चारों चरणों के चुनाव क्षेत्रों से कुल 3,19, 317 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये जा चुके हैं।

राजनीतिक दलों खासतौर से भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने अपनी-अपनी जीत के अलग-अलग दावे किये हैं।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार को कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पार्टी को गांव-गांव तक सफलता मिली है। जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्राम प्रधान के पदों पर पार्टी कार्यकर्ताओं को विजय प्राप्त हुई है। उन्होंने दावा किया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के परिणामों के बाद अब पार्टी अधिकतर जिलों में जिला व क्षेत्र पंचायतों में बोर्ड के गठन में जुटेगी।

इसके पहले प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव ने सोमवार को दावा किया था, “प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अब तक लगभग 45 हजार से अधिक ग्राम प्रधान व 60 हजार से अधिक क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव में पार्टी कार्यकर्ता-समर्थक विजयी हुए है।”

उन्होंने कहा था, “प्रदेश में 918 सीटों पर भाजपा जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीत चुकी है और अब तक मिली सूचना के अनुसार लगभग 450 से अधिक स्थानों पर जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों ने निर्णायक बढ़त ली है।”

सपा का दावा- भाजपा का सपना चकनाचूर हो गया है

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पंचायत चुनाव के नतीजों को आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की नाव डूबने के स्पष्ट संकेत करार देते हुए मंगलवार को कहा कि गांवों में 'तीसरे इंजन' की सरकार बनाने का भाजपा का सपना चकनाचूर हो गया है।

अखिलेश ने यहां एक बयान में कहा कि पंचायत चुनाव में सपा मतदाताओं की प्रथम वरीयता वाली पार्टी रही है। उन्होंने कहा कि बड़ी तादात में सपा की जीत के साफ संकेत है कि किसानों, नौजवानों और गाँव तक में उसकी स्वीकार्यता बरकरार है। उन्होंने कहा कि जनता ने पार्टी को जीत दिलाकर लोकतंत्र को बचाने का भी सराहनीय कार्य किया है।

अखिलेश ने कहा, ‘‘वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज के अलावा आजमगढ़ से लेकर इटावा तक भाजपा की कोई चाल काम नहीं आई और तो और राज्य की राजधानी लखनऊ में भी जनता ने भाजपा को नकार दिया है।’’ सपा ने यह भी आरोप लगाया था कि सत्‍ताधारी भाजपा के दबाव में शासन जीते हुए प्रतिनिधियों को प्रमाण पत्र देने में देरी कर रहा है।

इधर, कांग्रेस ने भी मंगलवार को दावा किया कि उत्तर प्रदेश में चल रहे पंचायत चुनावों में 389 पार्टी समर्थित उम्मीदवारों ने जिला पंचायत सदस्य का पद जीत लिया है।

प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा, "राज्य में चल रहे पंचायत चुनावों में 389 पार्टी समर्थित उम्मीदवारों ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता है।" उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में पार्टी समर्थित उम्मीदवारों ने ग्राम पंचायतों के प्रधान पद पर भी जीत दर्ज की है।

पंचायत चुनाव: आम आदमी पार्टी के भी अपने दावे

आम आदमी पार्टी (आप) ने पंचायत चुनाव नतीजों को दिल्ली के 'केजरीवाल मॉडल' पर सूबे की जनता की मुहर करार देते हुए मंगलवार को दावा किया कि राज्य के आगामी विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा का किला ढहने वाला है।

आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने यहां एक बयान में कहा कि जनता ने पंचायत चुनाव में केजरीवाल के विकास मॉडल को स्वीकारते हुए आम आदमी पार्टी को भरपूर प्यार दिया है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सत्ताधारी भाजपा को जन विरोधी नीतियों का जवाब अपने वोट से देकर यह बता दिया है कि योगी सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा पंचायत चुनाव की मतगणना पर रोक लगाने से इनकार करने के बाद रविवार सुबह आठ बजे से 75 जिलों में चार चरणों में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना शुरू हो गयी। मतपत्रों के जरिये हुए इन चुनावों के नतीजे रविवार से ही आने लगे थे।

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