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कोरोना वायरसः क्या बिजनेस बंद करने के लिए भी बैंक लोन देंगे?

By प्रदीप द्विवेदी | Updated: April 19, 2020 23:59 IST

कोरोना संकट समाप्त होने के बाद कई बिजनेस इस कदर क्षतिग्रस्त हो जाएंगे कि यदि इन्हें बंद करने के लिए विधिवतरूप से बैंक लोन नहीं दिया गया, तो इन बिजनेस पर आश्रित अनेक परिवार बर्बाद हो जाएंगे. यही नहीं बिजनेसमैन तो ठग, दिवालिया जैसी हालत में आ जाएंगे.

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शायद अर्थशास्त्र में किसी बिजनेस को बंद करने के लिए लोन का कोई विधिवत प्रावधान नहीं है, लेकिन कोरोना संकट ने इस दिशा में सोचने का संकेत दिया है. जैसे किसी क्षतिग्रस्त जहाज को समुद्र के बीच डूबने के लिए छोड़ा नहीं जा सकता है, उसी तरह किसी डूबते बिजनेस को भी अचानक बंद करने के लिए भगवान भरोसे नहीं छोड़ा जाना चाहिए.

कोरोना संकट समाप्त होने के बाद कई बिजनेस इस कदर क्षतिग्रस्त हो जाएंगे कि यदि इन्हें बंद करने के लिए विधिवतरूप से बैंक लोन नहीं दिया गया, तो इन बिजनेस पर आश्रित अनेक परिवार बर्बाद हो जाएंगे. यही नहीं बिजनेसमैन तो ठग, दिवालिया जैसी हालत में आ जाएंगे.

बदलते समय के साथ अनेक बिजनेस बंद होते रहे हैं, लेकिन उन्हें सुरक्षित तरीके से बंद करने के बारे में कभी गंभीरता से नहीं सोचा गया.

कभी घड़ी, रेडियो, टेप रिकार्डर, कैसट आदि बेचने के बिजनेस जोरो पर थे, लेकिन आज कहां है. आज मोबाइल, पेनड्राइव, टीवी ने उनके मार्केट पर कब्जा कर लिया है. ऐसे बदलाव के बाद कुछ लोग तो पुराने बिजनेस का घाटा खा कर नए बिजनेस में आ गए, लेकिन कई बिजनेसमैन पुराने बिजनेस को चलाते-चलाते बर्बाद हो गए.

ऐसा नहीं है कि इस दिशा में सोचा नहीं गया है. कुछ समय पहले रियल एस्टेट सैक्टर की हालत देखते हुए उनके लिए जो आर्थिक प्रावधान सरकार की ओर से किए गए थे, वे कुछ-कुछ डूबते बिजनेस को आर्थिक संरक्षण प्रदान करने जैसे ही थे.

सरकार लगातार बिजनेसमैन से कह रही है कि किसी को भी नौकरी से नहीं निकाला जाए, उन्हें वेतन दिया जाए, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि- कहां से देंगे?

ऐसे बिजनेस की आय शून्य की ओर बढ़ रही है और खर्च शतक के करीब पहुंच रहे हैं, ऐसे में बिजनेसमैन अपना फायदा भूल भी जाए तब भी आय-व्यय का संतुलन कैसे स्थापित करेगा?

जाहिर है, अर्थतंत्र के विशेषज्ञों को इस दिशा में गंभीरता से सोचना चाहिए और जैसे बिजनेस प्रारंभ करने के लिए बैंक की ओर से लोन देकर संरक्षण प्रदान किया जाता है, वैसे ही बिजनेस बंद करने या बदलने के लिए भी ऋण देकर आर्थिक सहयोग-संरक्षण प्रदान किया जाना चाहिए!

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