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कांग्रेस ने 80 रुपये के मुकाबले 1 अमेरिकी डॉलर के होने पर कहा, 'मोदी जी तो रुपये के लिए भी हानिकारक हो गये हैं'

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: July 15, 2022 21:13 IST

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह देश रुपये के लिए भी हानिकारक हो चुके हैं, उन्हें गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के तौर पर की गई स्वयं की टिप्पणी को याद करना चाहिए, जिसमें उन्होंने तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि "पीएम की प्रतिष्ठा गिरते हुए रुपये से जुड़ी है।

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ठळक मुद्देरुपये के मुकाबले डॉलर का भाव 80 रुपये छूने पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी पर बोला हमला केंद्र मुद्रा की गिरावट पर इसलिए चुप्पी साधे हुए है क्योंकि इससे सभी भारतीय बुरी तरह से प्रभावित हैंकेंद्र की मौजूदा मोदी सरकार हमेशा की तरह अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर दिशाहीन लग रही है

दिल्ली:कांग्रेस ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरवाट पर चिंता जताते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर तगड़ा हमला बोला। रुपये के मुकाबले डॉलर का भाव 80 रुपये छूने पर कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मुद्रा के मुक्त गिरावट पर इसलिए चुप्पी साधे हुए है क्योंकि इससे सभी भारतीय बुरी तरह से प्रभावित हैं।

कांग्रेस ने इसके लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "वह देश रुपये के लिए भी हानिकारक हो चुके हैं, उन्हें गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के तौर पर की गई स्वयं की टिप्पणी को याद करना चाहिए, जिसमें उन्होंने तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि "पीएम की प्रतिष्ठा गिरते हुए रुपये से जुड़ी है और इसके कम होने का सीधा मतलब है कि इससे प्रधानमंत्री की विश्वसनीयता और गरिमा का क्षरण हो रहा है।"

मोदी सरकार के खिलाफ आरोपों का पिटारा लेकर प्रेस कांफ्रेस कर रहीं कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि अब जब भारतीय मुद्रा अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है तो कांग्रेस जानना चाहती है कि प्रधानमंत्री जी अपने उस बयान के बारे में क्या कहेंगे।

श्रीनेत ने पत्रकार सम्मेलन में आरोप लगाते हुए कहा, "केंद्र की मौजूदा सरकार हमेशा की तरह इस मोर्चे पर भी दिशाहीन लग रही है। मोदी देश के रुपये के लिए हानिकारक हो गये हैं। आखिर समझ नहीं आता कि मोदी सरकार मुद्रास्फीति को दूर करने के लिए क्या-क्या उपाय कर रही है।"

उन्होंने कहा, "साल 2014 से पहले पीएम मोदी ने झूठा दावा किया था कि रुपये की मजबूती के लिए एक 'मजबूत पीएम' को दर्शाती है, जो आज के दौर में वो स्वंय देश की मुद्रा के हानिकारक साबित हो रहे हैं। उनकी तथाकथित मजबूती ने रुपये को देश की इतिहास में सबसे कमजोर बना दिया है। बीते छह महीने में रुपये में आई गिरावट7 फीसदी से ज्यादा है। आखिरकार प्रधानमंत्री मोदी कब तक कोरोना और रूस-यूक्रेन युद्ध की आड़ में बचते रहेंगे। "

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि साल 2014 में 58 रुपये के मुकाबले एक अमेरिकी था। उसने कहा कि पिछले आठ वर्षों में भाजपा की रिटायरमेंट की उम्र को पार कर लिया है और अब वो "मार्ग दर्शक मंडल" में चला गया है। बीते आठ साल में एक डॉलर के मुकाबले 22 रुपये की गिरावट आयी है।

उन्होंने कहा, "मोदी जी आज के वक्त में प्रधानमंत्री की घटती गरिमा और विश्वसनीयता के बारे में सोचते हैं, जो उन्हीं के शब्द थे, कांग्रेस पार्टी के नहीं।"

सुप्रिया श्रीनेत ने पीएम मोदी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहे हुए यूपीए सरकार पर हमला करते हुए कहा था कि "जिस देश की मुद्रा में गिरावट आती है, वहां की सरकार अनैतिक और भ्रष्ट होती है।"

श्रीनेत ने कहा, "मुझे कभी-कभी आश्चर्य होता है कि केंद्र सरकार और गिरते रुपये के बीच एक दौड़ है। आखिर कौन कितना नीचे गिरेगा? चूंकि बकौल मोदी जी पीएम की प्रतिष्ठा गिरते रुपये से जुड़ा है, इसलिए हम भी मानते हैं कि यह जितना गिरेगा, प्रधानमंत्री की विश्वसनीयता और गरिमा का उतना ही क्षरण होगा।"

उन्होंने कहा, "पीएम मोदी और उनकी 'चाटूकारों की सेना, जो रुपये पर बड़ी-बड़ी बातें करते थे, अब जब 80 रुपया के मुकाबले 1 डॉलर पहुंत गया है तो वो शांत क्यों हैं। उन्हें आज के हालात पर भी बोलना चाहिए।"

श्रीनेत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इसके लिए देश की विफल अर्थव्यवस्था और बेलगाम मुद्रास्फीति को जिम्मेदार मानती है। मोदी जी के आर्थिक कुप्रबंधन और बर्बाद हुई भारतीय अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने में विफल रहने पर कांग्रेस उन्हें धन्यवाद देती है।"

यह वही रुपया है, जिसे मोदी जी खुद प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा से जुड़े होने का दावा करते थे। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि क्या पीएम मोदी हमारी मुद्रा के साथ एक शताब्दी हिट करने की तैयारी कर रहे हैं। ठीक वैसे ही जैसा की उन्होंने पेट्रोल के साथ किया है।

इसके साथ उन्होंने दावा किया कि मुद्रा के मूल्य में गिरावट से देश की मुद्रास्फीति में और भी वृद्धि होगी। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बेलगाम वृद्धि होगी।

कांग्रेस ने आशंका व्यक्त की कि तेल की कीमतों के कारण ट्रांसपोटेशन की लागत बढ़ेगी, जिससे ट्रेन और बस के किराये में उछाल आयेगा और इसका सीधा प्रभाव आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देगा क्योंकि खाना पकाने के तेल की कीमतें बढ़ेंगी। रुपये में हो रही भारी गिरावट के कारण टीवी, रेफ्रिजरेटर, मोबाइल फोन भी महंगे हो जाएंगे। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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