लाइव न्यूज़ :

बड़ा दांव, राहुल गांधी नहीं अधीर रंजन चौधरी होंगे लोकसभा में कांग्रेस दल के नेता

By सतीश कुमार सिंह | Updated: June 18, 2019 17:31 IST

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने लोकसभा के सेक्रेटरी जनरल को चिट्ठी लिखकर अधीर रंजन चौधरी के कांग्रेस संसदीय दल के नेता चुने जाने की जानकारी दी। लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी का नेता होने के नाते अधीर रंजन चौधरी कई सरकारी कमेटियों और महत्वपूर्ण चयन समितियों में पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे।

Open in App
ठळक मुद्देकांग्रेस को इस बार के लोकसभा चुनाव में सिर्फ 52 सीटें मिली हैं, जो नेता प्रतिपक्ष का दर्जा प्राप्त करने के लिए जरूरी संख्या से कम है।वह फिलहाल मुर्शिदाबाद जिले की बहरामपुर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल से कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में पार्टी के नेता होंगे। अधीर रंजन चौधरी पश्चिम बंगाल से पांच बार से सांसद हैं। कांग्रेस ने अधीर रंजन चौधरी को लोकसभा में पार्टी के संसदीय दल का नया नेता नियुक्त किया है। के. सुरेश लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक होंगे।

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने लोकसभा के सेक्रेटरी जनरल को चिट्ठी लिखकर अधीर रंजन चौधरी के कांग्रेस संसदीय दल के नेता चुने जाने की जानकारी दी। लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी का नेता होने के नाते अधीर रंजन चौधरी कई सरकारी कमेटियों और महत्वपूर्ण चयन समितियों में पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे।

पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने चौधरी के नाम को स्वीकृति प्रदान कर दी है। कांग्रेस को इस बार के लोकसभा चुनाव में सिर्फ 52 सीटें मिली हैं, जो नेता प्रतिपक्ष का दर्जा प्राप्त करने के लिए जरूरी संख्या से कम है। वह 1999 के बाद से एक बार भी चुनाव नहीं हारे हैं। वह फिलहाल मुर्शिदाबाद जिले की बहरामपुर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। चौधरी अतीत में पश्चिम बंगाल विधानसभा का सदस्य रहने के साथ पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 

पश्चिम बंगाल में ममता और मोदी की प्रचंड लहर के दौरान भी उन्होंने अपनी सीट बचाए रखी। मंगलवार को जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में अगली कतार में उसी सीट पर बैठे नजर आए, जिस पर 16वीं लोकसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के नेता के तौर पर बैठा करते थे। मल्लिकार्जुन खड़गे इस बार चुनाव हार गए हैं। 

अधीर रंजन चौधरी की छवि एक जुझारू नेता की रही है। सियासत में अबतक वे ममता बनर्जी को अपना प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंदी मानते हैं। ममता का विरोध करने की वजह से लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अधीर रंजन चौधरी को पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया था। अधीर रंजन चौधरी दो बार विधायक भी रह चुके हैं, वे यूपीए सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।

कांग्रेस में जोश फूकंने का अहम जिम्मा

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी पर अब कांग्रेस कैडर और नेतृत्व में जोश फूंकने की जिम्मेदारी है। इसके अलावा संसद में नरेंद्र मोदी सरकार को नीतियों और मुद्दों पर घेरकर उन्हें अपनी राजनीतिक कौशल साबित करना होगा। कुछ ही महीनों में देश के पांच राज्यों झारखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली में विधानसभा चुनाव है, कांग्रेस के संसदीय दल का नेता होने के नाते उन्हें इन राज्यों में पार्टी नेतृत्व में जोश का संचार करना होगा।

टॅग्स :कांग्रेससोनिया गाँधीराहुल गांधीसंसद बजट सत्रपश्चिम बंगाल
Open in App

संबंधित खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारतअल्पसंख्यकों पर हमला करने वाले लोगों के साथ सीएम विजयन?, राहुल गांधी ने कहा- 140 में से 100 सीट जीतकर बनाएंगे सरकार?, भाजपा 0 पर आउट?

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल