लाइव न्यूज़ :

परमाणु संपन्न देश के जवान इस्तेमाल कर रहे क्रूर हथियार, चीनी सैनिकों की क्रूरता की कहानी खुद बयां कर रहे हैं...

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: June 18, 2020 17:51 IST

अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन कुछ फोटो सामने आए हैं, जो चीनी सैनिकों की क्रूरता की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि सीमा भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कभी तकरार नहीं हुई थी।

Open in App
ठळक मुद्देपहले भी ऐसा कई बार हुआ है, लेकिन तब झड़प में झूमाझटकी या पत्थरबाजी की घटनाएं ही देखने में आती थीं।लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में भारत के कई जवान शहीद हो गये। स्पष्ट है कि चीनी सेना की नीयत पहले से ही ठीक नहीं थी। चीनी सेना हमले की तैयारी के साथ वहां पहुंची थी।

जम्मूः खबर के साथ लगी हुई तस्वीर को देखें। इससे सवाल उठता है कि क्या कोई इंसान इतना क्रूर हो सकता है..? यदि धोखेबाज चीन के सैनिकों की बात करें तो इसका जवाब हां में ही होगा।

दरअसल, भारत और चीन के सैनिकों के बीच झूमाझटकी और सामान्य मारपीट की खबरें तो पहले भी आती रही हैं, लेकिन इस बार चीन के सैनिकों ने जो बर्बरता का प्रदर्शन किया वह अमानवीयता की पराकाष्ठा थी। हालांकि इस बात को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन कुछ फोटो सामने आए हैं, जो चीनी सैनिकों की क्रूरता की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि सीमा भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कभी तकरार नहीं हुई थी। पहले भी ऐसा कई बार हुआ है, लेकिन तब झड़प में झूमाझटकी या पत्थरबाजी की घटनाएं ही देखने में आती थीं।

लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में भारत के कई जवान शहीद हो गये। चीनी सेना को भी इस झगड़े का खमियाजा भुगतना पड़ा है। मगर परिस्थितियों का आकलन किया जाये तो ऐसा स्पष्ट है कि चीनी सेना की नीयत पहले से ही ठीक नहीं थी। चीनी सेना हमले की तैयारी के साथ वहां पहुंची थी।

जवानों की आपबीती से यह स्पष्ट तो है ही, चीनी हथियारों की जवानों द्वारा खींची गयी तस्वीरें सच बयां कर रही हैं। ऐसी ही एक तस्वीर में चीनी हथियार दिखाये गये हैं जो घटनास्थल से बरामद हुए हैं। इनमें राडों पर बड़ी नुकीली कीलों को वेल्डिंग करके हमले के लिये तैयार किया गया है। इन्हीं हथियारों से लाल सेना द्वारा भारतीय जवानों पर हमला किया गया था।

लेकिन, इस बार चीन ने फिर 1962 के युद्ध की याद दिला दी जब वह सामने से हिन्दी-चीनी भाई-भाई का नारा लगा रहा था, वहीं पर्दे के पीछे से भारत की पीठ में खंजर घोंपने की साजिश रच रहा था। 1962 में धोखे से किए गए चीनी हमले में भारत को काफी नुकसान उठाना पड़ा था।

पूरी दुनिया जानती है कि चीन की नीतियां हमेशा से विस्तारवादी रही हैं। यही कारण है कि उसके हर पड़ोसी देश से सीमा को लेकर संबंध अच्छे नहीं है। क्योंकि चीन अनावश्यक रूप से दूसरे देश की सीमा में घुसपैठ की कोशिशें करता रहता है।

भारतीय लोगों के मन में अब यही सवाल उठ रहा है कि क्या भारत चीनी सैनिकों की इस क्रूरता का बदला लेगा? यदि हम चीन को उसी की भाषा में जवाब देने में सफल होते हैं तो निश्चित ही यह शहीद सैनिकों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी और चीन के लिए सबक भी।

टॅग्स :लद्दाखचीनशी जिनपिंगदिल्लीभारतीय सेनानरेंद्र मोदीअमेरिकारूसफ़्रांसब्रिटेनजम्मू कश्मीर
Open in App

संबंधित खबरें

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

कारोबारपश्चिम एशिया संघर्षः भारत मजबूती से उभरा और हालात का डटकर मुकाबला किया?, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा- युद्ध से करोड़ों लोग परेशान, वीडियो

भारतLPG Cylinder Update: सिलेंडर के लिए अब लंबी वेटिंग खत्म! दिल्ली में बस ID कार्ड दिखाओ और 5KG सिलेंडर पाओ

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील