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दुर्घटना में बच्चे की हुई मौत, महिला अधिकारी ने दुखी परिवार को अमानवीय तरीके से डांटा, बिलखती मां से बोली- "बस हो गया। चुप रहो"

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: April 22, 2022 15:46 IST

दिल्ली के करीब यूपी के मोदी नगर में एक 10 साल के स्कूली छात्र अनुराग की मौत स्कूल बस की दुर्घटना में हो गई। मामले की जानकारी मिलते ही परिजन रोते-बिलखते प्रशासन के पास पहुंचे और उनसे मामले में इंसाफ की मांग करने लगे तो एसडीएम शुभांगी शुक्ल ने उन्हें बड़े ही अमानवीय तरीके से डांटा।

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ठळक मुद्देमोदी नगर का अनुराग कक्षा 4 का छात्र था, जिसकी स्कूल बस से दुर्घटना होने के कारण मौत हो गई एसडीएम शुभांगी शुक्ला ने मृत अनुराग की मां को डांटा, वो वाकई में मानवता को शर्मसार करने वाला हैएसडीएम शुभांगी शुक्ला ने रोती-बिलखती मां को उंगली दिखाते हुए चिल्लाकर कहा, "बस! चुप"

मोदीनगर: एक परिवार ने अपने नौनिहाल को खो दिया। बिलखता हुआ परिवार मृत बच्चे के लिए इंसाफ की मांग कर रहा था तो एक असंवेदनशील महिला अधिकारी ने उन्हें बड़े ही अमानवीय तरीके से सरेआम डांटा।

मामला दिल्ली के करीब मोदी नगर का है, जहां एक 10 साल के स्कूली छात्र अनुराग की मौत स्कूल बस की दुर्घटना में हो गई। मामले की जानकारी मिलते ही परिजन रोते-बिलखते प्रशासन के पास पहुंचे और उनसे मामले में इंसाफ की मांग करने लगे।

लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस महिला प्राशानिक अधिकारी से वो न्याय मांग रहे हैं, वो पत्थर दिल और असंवेदनशील हैं। बेटे की मौत पर रोती-बिलखती मां को खामोश करने के उंगली दिखाते हुए मोदी नगर की एसडीएम शुभांगी शुक्ला चिल्लाकर कहती हैं, "बस! चुप"। 

समाचार चैनल एनडीटीवी के मुताबिक निष्ठुर एसडीएम साहिबा शुभांगी शुक्ला ने मोदीनगर के एक पुलिस स्टेशन में सबके सामने जिस तरह से मृत अनुराग की मां को डांटा, वो वाकई में मानवता को शर्मसार करने वाला है।

जानकारी के मुताबिक कक्षा 4 में पढ़ने वाला छात्र अनुराग भारद्वाज रोज की तरह बुधवार की सुबह भी बस से स्कूल जा रहा था। सफर के दौरान अनुराग को उल्टी जैसा महसूस हुआ और उसने बस की खिड़की से अपना सिर बाहर निकाल लिया।

ठीक उसी समय मोड़ आ गया और बस के चालक ने बस को मुड़ा दी। अनुराग ने ध्यान नहीं दिया और उसका सिर सीधे बिजली के पोल से जा टकराया। कथित तौर पर अनुराग ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

मामले में कार्रवाई करते हुए मोदी नगर की पुलिस ने दुर्घटना के आरोपी बस ड्राइवर और स्टाफ को लापरवाही से बस चलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया लेकिन पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

मृत अनुराग के परिवार का कहना है कि पुलिस घटना के लिए दोषी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी मामला दर्ज करे और इसी मांग को आधार बनाते हुए शोक संतप्त अनुराग के माता-पिता गुरुवार को धरने पर बैठे थे।

बताया जा रहा है कि अनुराग के माता-पिता के समझाने और धरना खत्म कराने के लिए मोदीनगर की सब डिविजनल मजिस्ट्रेट शुभांगी शुक्ला मौके पर पहुंची थीं और समझाने के क्रम में वो अनुराग की मां नेहा भारद्वाज पर चिल्लाने लगती हैं, जो अपने पति, बेटी और कुछ अन्य रिश्तेदारों को साथ धरने पर बैठी थीं।

एसडीएम शुभांगी शुक्ला मृत अनुराग की मां को समझाते हुए अचानक फट पड़ती हैं और तिल्लाते हुए कहती हैं, "तुम क्यों नहीं समझकी हो? मैं तुम्हें चुप रहने के लिए कह रही हूं।"

जिसके जवाब में बिलखती हुई अनुराग की मां नेहा भारद्वाज कहती हैं, "क्या वो आपका बेटा था?" 

जिस पर शुभांगी शुक्ला फिर चिल्लाती हैं, "मैं कितनी बार तुन्हें समझाने की कोशिश कर रही हूं, मेरी बात क्यों नहीं समझती हो तुम।"

नेहा भारद्वाज यह कहते हुए खामोस हो गईं, "मैं काफी समझ चुकी हूं।"

सूचना के मुताबिक मृत छात्र अनुराग के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काफी नाराजगी दिखाई है और इस संबंध में दिला प्रशासन से रिपोर्ट भी तबल की है।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने इस मामले में कड़ा रूख दिखाते हुए स्कूल, बस स्टाफ और परिवहन विभाग के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है और साथ ही सभी स्कूली बसों की फिटनेस जांच का भी आदेश दिया।

मामले में शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सरकारी की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी।"

वहीं इस मामले में मृत अनुराग के माता-पिता ने सीधा आरोप लगाया है कि स्कूल बस ने सावधानी नहीं बरती नहीं तो उनका बेटा आज जिंदा होता।  अनुराग की मां घटना से पहले भी स्कूल प्रबंधन के सामने कथित तौर पर ड्राइवर की शिकायत कर चुकी थीं।

मृत अनुराग के माता-पिता का आरोप है कि बीते 1 अप्रैल को भी उनकी स्कूल के प्रिंसिपल, प्रबंधन और ड्राइवर के साथ सब चालन को लेकर बरती जा रही लापरवाही के मामले में बहस भी हुई थी।

टॅग्स :School Education Departmentयोगी आदित्यनाथYogi Adityanath
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