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CAA Protest: नरेंद्र मोदी सरकार का निर्देश- छात्रों की सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर रखें IIM, IIT और विश्वविद्यालय

By रोहित कुमार पोरवाल | Updated: December 21, 2019 08:50 IST

नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से छात्रों और शिक्षकों के फेसबुक, ट्विटर और व्हॉट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेंजर एप्स पर निगरानी रखे जाने का निर्देश दिया गया है साथ ही यह भी कहा गया है कि सभी संस्थान इस बाबत एक रिपोर्ट बनाकर सरकार को सौंपें।

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ठळक मुद्देसर्कुलर की जद में मुख्यरूप से जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) और दिल्ली विश्वविद्यालय आए हैं, जहां पहले से ही सीएए को लेकर प्रदर्शन देखे जा रहे हैं।आईआईटी गुवाहाटी और असम के अन्य शिक्षा संस्थानों को भी सीएए के खिलाफ हालिया विरोध को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बरतने को कहा गया है।

संशोधित नागरिकता कानून (CAA) को लेकर पिछले दिनों दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया जैसा विरोध प्रदर्शन फिर से सिर न उठा सके, इसके लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने एहतियातन छात्रों की सोशल अभिव्यक्ति पर पहरेदारी लगाने का फैसला लिया है। 

द प्रिंट की खबर के मुताबिक, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सूत्रों से पता चला है कि सरकार की ओर से एक शुरुआती सर्कुलर जारी किया है जिसमें देश के आईआईएम और आईआईटी जैसे संस्थानों और विश्वविद्यालयों से कहा गया है कि वे संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर छात्रों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखें। यही नहीं, छात्रों के अलावा निगरानी के दायरे में शिक्षक भी होंगे। 

छात्रों और शिक्षकों के फेसबुक, ट्विटर और व्हॉट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेंजर एप्स पर निगरानी रखे जाने का निर्देश दिया गया है साथ ही यह भी कहा गया है कि सभी संस्थान इस बाबत एक रिपोर्ट बनाकर सरकार को सौंपें।

सर्कुलर की जद में मुख्यरूप से जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) और दिल्ली विश्वविद्यालय आए हैं, जहां पहले से ही सीएए को लेकर प्रदर्शन देखे जा रहे हैं।

आईआईटी गुवाहाटी और असम के अन्य शिक्षा संस्थानों को भी सीएए के खिलाफ हालिया विरोध को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बरतने को कहा गया है।

मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, ''केंद्रीय विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों जैसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), भारतीय प्रबंधन संस्थान, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NITs) और अन्य संस्थानों के रजिस्ट्रार और वाइस-चांसलर को निर्देश जारी किए गया है कि वे प्रदर्शनों पर नजर रखें ताकि ररिवार को जामिया हुए हिंसक प्रदर्शन जैसी अप्रिय घटना फिर से न घटे। 

टॅग्स :कैब प्रोटेस्टनागरिकता संशोधन कानून 2019मोदी सरकारएनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजिका)जामिया मिल्लिया इस्लामियाजवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू)
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