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सीएए लखनऊ हिंसाः आरोपियों के पोस्टर पर नाराज हाईकोर्ट ने योगी सरकार को थमाया नोटिस, पुलिस कमिश्नर और डीएम तलब

By गुणातीत ओझा | Updated: March 8, 2020 09:36 IST

संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ लखनऊ में विरोध प्रदर्शन और हिंसा के आरोपियों के पोस्टर लगवाने के मामले में कोर्ट ने योगी सरकार को नोटिस जारी किया है। विरोध प्रदर्शन और हिंसा में कई सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा था।

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ठळक मुद्देसीएए को लेकर लखनऊ में हुई हिंसा के आरोपियों पर सरकार की कार्रवाई से नाराज हुआ इलाहाबाद हाईकोर्टइलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर और डीएम को किया तलब

लखनऊ: नागरिकता कानून को लेकर उत्तर प्रदेश के लखनऊ में विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा पर योगी सरकार का एक्शन इलाहाबाद हाईकोर्ट को नागवार गुजरा है। प्रशासन द्वारा हिंसा के आरोपियों का पोस्टर लगवाने के मामले को चीफ जस्टिस गोविंद माथुर ने स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस मसले पर योगी सरकार को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि किस नियम के तहत आरोपियों के पोस्टर लगाए गए। कोर्ट ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर और डीएम को आज सुबह 10 बजे अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है।

चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर और जस्टिस रमेश सिन्हा इस मामले में सुनवाई करेंगे। याद दिला दें कि बीते साल 19 दिसंबर को लखनऊ में नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसा हुई थी जिसमें सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया। कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सीएम योगी ने दंगाईयों से वसूली का ऐलान किया था। कई जिलों में वसूली के नोटिस जारी किए जा चुके हैं। योगी सरकार की इस कार्रवाई के खिलाफ कई लोग कोर्ट पहुंच गए हैं।

Allahabad High Court will hear at 10 am today, the case related to hoardings put up by Uttar Pradesh government, with names, addresses and photos of those who were accused of violence during protests against #CitizenshipAmendmentAct . The court has taken up the case on suo moto.— ANI UP (@ANINewsUP) March 8, 2020

 57 लोगों के लगे थे पोस्टर

57 लोगों को लखनऊ हिंसा का जिम्मेदार बताते हुए प्रशासन ने जगह-जगह पोस्टर लगाए थे। जिन लोगों के पोस्टर लगे थे उन्हें आगजनी, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दोषी बताते हुए एक करोड़ 55 लाख रुपये हर्जाना भरने के लिए कहा गया था। ऐसा ना करने पर संपत्ति कुर्क करने की चेतावनी दी गई थी। लखनऊ के कुल 4 अलग अलग थानाक्षेत्रों में 1 करोड़ 55 लाख रुपये की रिकवरी होनी है। चारों इलाकों में आरोपियों के ऐसे ही पोस्टर लगे हुए हैं। सरकार ये पहले ही तय कर चुकी थी कि हिंसा के नुकसान की भरपाई दंगाइयों से करवाई जाएगी।

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