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हनीट्रैप में फंसने वाला BSF का ये कांस्टेबल ISI को देता था गोपनीय सूचना, पूछताछ में उगले चौंका देने वाले राज

By भाषा | Updated: September 20, 2018 08:59 IST

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने बुधवार दोपहर को संवाददाता सम्मेलन के दौरान बताया कि मिश्र ने हनीट्रैप में फंस कर गोपनीय सूचनायें, यूनिट की लोकेशन, शस्त्र, गोलाबारूद का विवरण, बीएसएफ परिसर का चित्र और अन्य सूचनाएं एक महिला के साथ साझा की। 

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लखनऊ, 19 सितंबर: पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के हनीट्रैप में फंसकर देश की गोपनीय सूचनायें साझा करने के आरोप में सीमा सुरक्षा बल के एक कांस्टेबल को गिरफ्तार किया गया है। 

सीमा सुरक्षा बल और उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम ने बीएसएफ कांस्टेबल अच्युतानंद मिश्र से दो दिन तक पूछताछ करने के बाद मंगलवार को उसे नोएडा के सेक्टर-18 से गिरफ्तार किया। एटीएस के पुलिस उपाधीक्षक मनीष सोनकर की टीम ने उसे गिरफ्तार किया। मध्यप्रदेश में रीवा जिले के मंडवा गांव निवासी मिश्र 2006 में बीएसएफ में भर्ती हुआ था। 

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने बुधवार दोपहर को संवाददाता सम्मेलन के दौरान बताया कि मिश्र ने हनीट्रैप में फंस कर गोपनीय सूचनायें, यूनिट की लोकेशन, शस्त्र, गोलाबारूद का विवरण, बीएसएफ परिसर का चित्र और अन्य सूचनाएं एक महिला के साथ साझा की। 

स्वयं को डिफेंस रिपोर्टर बताने वाली यह महिला पहले मिश्र से सामान्य बातें करती रही। लेकिन बाद में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने लगी।

उन्होंने बताया कि एटीएस और बीएसएफ की टीम ने पहले दिल्ली और नोएडा में दो दिन तक इस संबंध में मिश्र से पूछताछ की। इस दौरान मिश्र के मोबाइल और फेसबुक से तमाम साक्ष्य मिले। उसके द्वारा महिला को भेजे गये वीडियो भी मिले। इस साक्ष्यों के मिलने के बाद मिश्र से पूछताछ की गयी और मंगलवार को उसे सरकारी गोपनीयता कानून के तहत गिरफ्तार किया गया।

एटीएस का कहना है कि सेना के खुफिया विभाग से उन्हें सूचना मिली थी कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई फेसबुक पर महिलाओं के फर्जी अकाउंट बनाकर भारतीय सशस्त्र बलों के कर्मियों से दोस्ती करती है। मित्रता होने के बाद वह कर्मियों से गोपनीय सूचनाएं हासिल करने का प्रयास करती है।

प्राप्त सूचना के आधार पर एटीएस की काउंटर एस्पियोनाज टीम ने जब जांच शुरू की तो पता चला कि फेसबुक पर ऐसे कई भारतीय अकाउंट हैं जो आईएसआई की छद्म आईडी के संपर्क में हैं। इस संबंध में गहनता से जांच करने पर बीएसएफ कांस्टेबल अच्युतानंद मिश्र पर संदेह गया।

मिश्र से पूछताछ और उसका डेटा डाउनलोड तथा एक्स्ट्रैक्ट करने के बाद कई बातें सामने आयीं। उससे पता चला कि मिश्र 2016 में फेसबुक के जरिए महिला के संपर्क में आया था।

प्रदेश पुलिस प्रमुख सिंह ने बताया कि मिश्र के फोन में पाकिस्तान का एक फोन नंबर पाकिस्तानी मित्र के नाम से सेव था। वह इसी नंबर पर व्हाटसऐप चैट करता था। मिश्र की चैट से पता चलता है कि उसे धर्म परिवर्तन और कश्मीर पर भारत विरोधी बातें कह कर प्रभावित किया जा रहा था। मिश्र इसी नंबर पर सभी सूचनाएं साझा करता था।

सुरक्षा बल मिश्र को बुधवार को लखनऊ की अदालत में पेश कर उसकी रिमांड की मांग करेंगे।सिंह ने कहा कि मिश्र के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है ताकि पता किया जा सके कि क्या सूचनाएं साझा करने के एवज में उसने पैसे भी लिये थे।

 

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