पटनाः बिहार से राज्यसभा के पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव को राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। एनडीए और महागठबंधन के संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। इस बीच सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार राज्यसभा भेजे जा सकते हैं। पार्टी के सूत्रों की मानें तो जदयू से निशांत कुमार को राज्यसभा भेजा जा सकता है। इसके साथ ही केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर का भी जदयू से राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है। जबकि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह को भाजपा के कोटे से राज्यसभा भेजे जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इसके अलावा भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह भी भाजपा कोटे से राज्यसभा में भेजे जा सकते हैं।
हालांकि फिलहाल किसी पार्टी की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नही की जा रही है। सूत्रों की मानें तो जदयू के 2 और भाजपा के कोटे से 2 सदस्यों का नाम लगभग तय हो चुका है। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को राज्यसभा भेजे जाने की संभावना ज्यादा व्यक्त की जा रही है। दरअसल, निशांत कुमार को लंबे समय से राजनीति में लाने की मांग जदयू नेताओं की ओर से की जा रही है।
विधानसभा चुनाव में भी निशांत कुमार सक्रिय नजर आए थे। निशांत कुमार ने एनडीए प्रत्याशियों के लिए कुछ विधानसभा क्षेत्रों में जाकर वोट भी मांगे थे। इस दौरान निशांत कुमार जहां भी जाते थे तो उनके समर्थक उनको राजनीति में शामिल होने को कहते थे। जदयू के कई वरिष्ठ नेता भी संकेत देते रहे हैं कि निशांत कुमार राजनीति में आ सकते हैं।
ऐसे में अब अटकलों का बाजार गर्म है कि निशांत कुमार को इस बार राज्यसभा भेजा जा सकता है। उधर पावर स्टार पवन सिंह के भी भाजपा कोटे से राज्यसभा जाने को लेकर चर्चाएं तेज है। लोकसभा चुनाव में काराकाट से निर्दलीय चुनाव लड़ने और हारने के बाद विधानसभा चुनाव में पवन सिंह ने भाजपा में घर वापसी कर ली थी।
पवन सिंह ने स्टार प्रचारक के रूप में विधानसभा चुनाव में प्रचार किया। वहीं बीते दिन ही पवन सिंह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मिलने दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताई थी। लेकिन सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि पवन सिंह राज्यसभा जा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि बिहार के 5 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है।
फिलहाल 3 सीटें एनडीए और 2 सीट राजद के पाले में है। राजद के पास इस बार संख्या बल की कमी है, ऐसे में उसके उम्मीदवार की जीत की संभावना काफी कम बताई जा रही है। हालांकि राजद की ओर से भी हिना शहाब को उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होगा।
इसके लिए नामांकन की प्रक्रिया 26 फरवरी से जारी है। बता दें कि बिहार के अमरेंद्र धारी सिंह, प्रेमचंद गुप्ता(राजद), रामनाथ ठाकुर, हरिवंश नारायण सिंह(जदयू) और उपेंद्र कुशवाहा(रालोमो) का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। इन्हीं 5 सीटों पर चुनाव होना है।
6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 9 मार्च को नाम वापसी की अंतिम निर्धारित की गई है। जरूरत पडने पर 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। जिसके बाद उसी दिन यानी 16 मार्च को ही शाम 5 बजे से मतगणना भी शुरू होगा और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है।