पटनाः उम्मीद थी, वैसा हुआ। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने बिहार में हुए राज्यसभा चुनाव में सभी पांचों सीटें जीत लीं। पांचवीं सीट के लिए उसकी रणनीति कारगर रही, जबकि विपक्ष अपने सभी 41 विधायकों का मतदान सुनिश्चित नहीं कर सका क्योंकि उनमें से चार ने मतदान में भाग नहीं लिया। बिहार के सर्वाधिक समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सोमवार को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए। बिहार, ओडिशा और हरियाणा में 11 सीट पर हुए चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने शानदार प्रदर्शन किया।
इस बीच केंद्रीय मंत्री और हम प्रमुख जीतन राम मांझी ने राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और लालू यादव पर हमला किया है। मांझी ने एक्स पर लिखा है कि जब पैसा लेकर टिकट बेचिएगा तो माननीय विधायक फोन नहीं ऑफ करेंगे तो क्या करेंगे? जय एनडीए तय एनडीए? राज्यसभा की कुल 37 सीट में से केवल बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीट पर चुनाव हुए, बाकी सदस्य पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार हैं, जिन्होंने राज्यसभा में अपने पहले चुनाव के लिए पद छोड़ने की घोषणा की है। इनके अलावा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर, भाजपा नेता शिवेश कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी विजेता हैं।
विपक्षी खेमे से चार सदस्य, जिनमें कांग्रेस के तीन और आरजेडी का एक सदस्य शामिल हैं, मतदान करने नहीं आए। इससे विपक्ष के सदस्यों की संख्या घटकर 37 रह गई और दूसरे वरीयता के मतों की गिनती में एनडीए का काम आसान हो गया। दूसरे वरीयता के मतों की गिनती में, शिवेश कुमार को तीसरे चरण में ही 4,002 वोट मिले, जबकि जीत के लिए 3099 वोटों की आवश्यकता थी।