लाइव न्यूज़ :

बिहार में एक और 'आंखफोड़वा कांड'! अस्पताल हुआ सील, डॉक्टरों पर FIR से आईएमए नाराज

By एस पी सिन्हा | Updated: December 4, 2021 18:35 IST

मुजफ्फरपुर के इस अस्पताल में पिछल कुछ दिनों में 65 लोगो के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था. इसमें लगभग सभी मरीजो की आंखे खराब होने लगी और उनकी आंखों की रोशनी जाने लगी.

Open in App

पटना: बिहार के मुजफ्फरपुर में हुए चर्चित 'आंखफोड़वा कांड' में बडी कार्रवाई करते हुए आई हॉस्पिटल के ऑपरेशन थियेटर, अस्पताल का कार्यालय, सचिव कक्ष और दवाखाना कक्ष को सील कर दिया गया है. पुलिस और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शनिवार दोपहर यह कार्रवाई की गई.

बता दें कि बीते दिनों इस अस्पताल में 65 लोगो के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था. इसमें लगभग सभी मरीजो की आंखे खराब होने लगी और उनकी आंखों की रोशनी जाने लगी. इसके बाद अब तक 17 लोगो की आंखे निकाली जा चुकी है. 

मामला प्रकाश में आने के बाद सिविल सर्जन के द्वारा डॉक्टर एनडी साहू, डॉक्टर समीक्षा सहित चार डॉक्टर एवं पांच पारा मेडिकल स्टाफ पर प्राथमिकी दर्ज कराया गया है. मुजफ्फरपुर आई हॉस्पीटल की इस करतूत पर देश भर में सनसनी फैल गई और इसे 'आंखफोड़वा कांड' बताया जा रहा है. 

पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच

डीएसपी ने बताया कि उपर के निर्देश के अनुसार इसे सील कर दिया गया है. आगे की कार्रवाई की जा रही है. हॉस्पीटल संचालक और डॉक्टर पर दर्ज के सम्बंध में रामनरेश पासवान ने बताया कि नियम संगत कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि प्राथमिकी में तर्कसंगत और कानून सम्मत धाराएं लगाई गई हैं. इसी अनुसार पुलिस जांच कर रही है.

डॉक्टरों पर कार्रवाई का IMA ने किया विरोध

इस मामले में चार डॉक्टरों पर हुए प्राथमिकी का विरोध इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की तरफ से किया गया है. एसोसिएशन का कहना है कि यह प्राथमिकी सिर्फ इसलिए की गई है, ताकि मामले में जनता के विरोध को कम किया जा सके. एसोसिएशन की बिहार शाखा के अध्यक्ष डॉ अजय कुमार और सचिव डॉ सुनील कुमार ने मुजफ्फरपुर कांड को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है लेकिन उन्होंने डॉक्टरों पर हुए प्राथमिकी पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए बताया कि इससे भी ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण जांच कमेटी की जांच रिपोर्ट आए बिना नेत्र चिकित्सकों का प्राथमिकी में उल्लेख किया जाना है.

आईएमए का क्या है तर्क

आईएमए की तरफ से बात करते हुए दोनों डॉक्टर ने बताया कि मुजफ्फरपुर आंख अस्पताल से अल्पकालिक रूप से संबंधित डॉक्टर साहू और अन्य नेत्र चिकित्सक आंखों के ऑपरेशन के लिए योग्यता प्राप्त हैं. उन्हें अनगिनत ऑपरेशन का अनुभव है. आईएमए का कहना है कि मरीजों की आंखे लापरवाही के कारण नहीं, बल्कि संक्रमण के कारण गई हैं. 

उन्होंने कहा कि डॉक्टरों पर की गई कार्रवाई का बुरा परिणाम सरकार के अंधापन निवारण कार्यक्रम पर पड़ सकता है. आईएमए बिहार और बिहार ऑफथैलेमिक सोसायटी द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय जांच दल इस पूरी घटना की जांच करेगा. आईएमए ने सरकार से आग्रह किया है कि अपूर्ण जांच और सभी पक्षों को सुने बिना कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए.

टॅग्स :बिहार समाचारमुजफ्फरपुर
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टदोस्त से संबंध बनाओ?, मना किया तो प्रेमी किशन और पिंकू ने मिलकर प्रेमिका को मार डाला, मोबाइल दिलाने का लालच देकर घर से बुलाया था?

भारतमुख्यमंत्री नीतीश को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा को लेकर सियासत, तेजस्वी ने कहा- ‘असम्‍मान जनक विदाई’, नीरज कुमार बोले- लालू जी की तरह परिवार को सीएम नहीं बनाएंगे?

भारतराष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टीः बाहुबली सूरजभान सिंह के छोटे भाई पूर्व सांसद चंदन सिंह नए अध्यक्ष?, पशुपति कुमार पारस ने किया ऐलान

भारतबिहार में नीतीश कुमार अभी कर रहे खेला?, राजद विधायक फैसल रहमान से मिले मुख्यमंत्री, जाते-जाते तेजस्वी यादव से छिनेंगे विपक्ष नेता पद?

भारतBihar: नीतीश कुमार कब देंगे इस्तीफा? सही डेट आई सामने, जानें कौन बनेगा बिहार का सीएम

भारत अधिक खबरें

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर