पटनाःबिहार की सियासत में एक बार फिर से यात्रा की सियासत शुरू होने वाली है। मकर संक्रांति के बाद अर्थात खरमास समाप्त होते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रगति यात्रा के माध्यम से मतदाताओं को धन्यवाद देने का मन बना रहे हैं। जबकि विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव भी मतदाताओं के बीच जाकर हार का कारण समझने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इसी महीने प्रस्तावित प्रगति यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय विस्तृत कार्यक्रम तैयार करने में जुट गया है। संभावना जताई जा रही है कि 15 जनवरी के बाद गोपालगंज में प्रगति यात्रा पर जायेंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोपालगंज जिला प्रशासन ने यात्रा की तैयारियों को तेज कर दिया है। बरौली विधानसभा क्षेत्र में विशेष तौर पर यात्रा की व्यवस्थाओं पर काम चल रहा है। डीएम पवन कुमार सिन्हा और एसपी अवधेष दीक्षित ने हेलीपैड, सुरक्षा व्यवस्था और विकास योजनाओं की समीक्षा की। 74 वर्षीय नीतीश कुमार 16वीं प्रस्तावित यह यात्रा न केवल विकास की समीक्षा होगी,
बल्कि विरोधियों को यह संदेश भी होगा कि नीतीश की पारी अभी खत्म नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 2005 से अब तक 15 यात्राएं निकाल चुके हैं। इनमें न्याय यात्रा, विकास यात्रा, धन्यवाद यात्रा, प्रवास यात्रा, विश्वास यात्रा, सेवा यात्रा, अधिकार यात्रा, संकल्प यात्रा, संपर्क यात्रा, निश्चय यात्रा, समीक्षा यात्रा, जल-जीवन-हरियाली यात्रा, समाज सुधार यात्रा, समाधान यात्रा और प्रगति यात्रा शामिल हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहली यात्रा थी न्याय यात्रा, जो 12 जुलाई 2005 से शुरू हुई थी। इसके बाद नीतीश कुमार की दूसरी यात्रा, विकास यात्रा 1 जनवरी 2009 को शुरू हुई थी।
नीतीश कुमार की तीसरी यात्रा धन्यवाद यात्रा थी, जो 17 जून 2009 से शुरू हुई थी। इसके बाद नीतीश कुमार की चौथी यात्रा प्रवास यात्रा 25 दिसंबर 2009 को शुरू हुई थी। वहीं, पांचवीं यात्रा, विश्वास यात्रा 28 अप्रैल 2010 से शुरू हुई थी। नीतीश कुमार की छठी यात्रा, सेवा यात्रा थी, जो 9 नवंबर 2011 से शुरू हुई थी।
सातवीं यात्रा अधिकार यात्रा 19 सितंबर 2012, आठवीं यात्रा संकल्प यात्रा 5 मार्च 2014, नौवीं यात्रा संपर्क यात्रा 13 नवंबर 2014, दसवीं यात्रा निश्चय यात्रा 9 नवंबर 2016, ग्यारहवीं यात्रा विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा 12 दिसंबर 2017, बारहवीं यात्रा जल-जीवन-हरियाली यात्रा 3 दिसंबर 2019, तेरहवीं यात्रा समाज सुधार यात्रा 22 दिसंबर 2021, चौदहवीं यात्रा समाधान यात्रा 4 जनवरी 2023 और पंद्रहवीं यात्रा प्रगति यात्रा थी, जो 23 दिसंबर 2024 से शुरू हुई थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रस्तावित यात्रा को लेकर मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार की यात्रा से हम ऊर्जावान हो जाते हैं।
चुनाव के दौरान बरसात में लोग अपने घर में छुपते थे, चुनाव में नहीं निकले, लेकिन इस उम्र में भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार निकले और जनता के बीच गए। उन्होंने पूरे हिंदुस्तान को दिखाया कि अभी हम बूढ़े नहीं हुए हैं। रोज 800 किलोमीटर की यात्रा उन्होंने तय की और 202 सीट मिली है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की ऊर्जा से जनता को भी इससे सीखने को मिला और हम भी इंस्पायर्ड हुए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बहुत सारी योजना, परियोजना लेकर जनता के बीच जाएंगे और कहीं शिलान्यास करेंगे तो कहीं उद्घाटन करेंगे। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य खासकर ‘सात निश्चय-3’ के तहत शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और ‘ईज ऑफ लिविंग’ जैसे मुद्दों पर फोकस रहेगा। मुख्यमंत्री अपनी यात्रा के दौरान जिलों में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठकें करेंगे।
इन बैठकों में योजनाओं की प्रगति, कमियों और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी। नीतीश कुमार का यह तरीका पहले भी देखने को मिला है, जहां वे कागजी रिपोर्ट से ज्यादा जमीनी फीडबैक को महत्व देते रहे हैं। विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहली बड़ी जनसंपर्क यात्रा है।
उधर, खरमास के बाद तेजस्वी यादवबिहार यात्रा पर निकलने वाले हैं। तेजस्वी यादव की यात्रा की तैयारी लगभग पूरी हो गई है। राबड़ी आवास के बाहर एक नए वाहन को देखा गया है। सूत्रों की मानें तो यह वाहन तेजस्वी यादव की यात्रा के लिए मंगाई गई है। हाल ही में 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास के अंदर वाहन को जाते हुए देखा गया है।
बताया जा रहा है कि तेजस्वी इसी वाहन से बिहार यात्रा पर निकलेंगे। तेजस्वी यादव की प्रस्तावित यात्रा संगठनात्मक मजबूती पर केंद्रित होगी। राबड़ी आवास से तेजस्वी इसी बस पर सवार होकर अपनी यात्रा शुरू करेंगे। वहीं उनके कार्यक्रम को लेकर शेड्यूल जल्द ही जारी होगा। बताया जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान तेजस्वी यादव राजद के जिला अध्यक्षों, प्रखंड अध्यक्षों, प्रधान महासचिवों समेत नए और पुराने संगठनात्मक पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। वे इनके साथ विस्तार से बातचीत कर जमीनी हालात की जानकारी लेंगे।
इसके साथ ही वे जनता के बीच जाकर यह मुद्दा उठाएंगे कि बिहार में जनादेश के साथ कैसे कथित तौर पर “छेड़छाड़” की गई। तेजस्वी 10 जनवरी को पटना लौटेंगे और खरमास के बाद वो नए बस से यात्रा पर निकलेंगे।