पटनाः बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के पांचवें दिन कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष का हंगामा देखने को मिला। सदन के अंदर और बाहर विपक्ष के नेताओं ने नीट छात्रा की मौत और सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर जमकर हंगामा किया। सदन के बाहर विपक्ष ने बिहार में हो रहे अपराध को लेकर भी प्रदर्शन किया। राजद के विधायक हाथों में पोस्टर लेकर पहुंचे थे, जिस पर लिखा था, रेप, हत्या, किडनैपिंग कब रुकेगी। कानून है, पर डर नहीं। जवाब दो सरकार। वहीं, बिहार विधान परिषद में भी तीखी बहस और जबर्दस्त हंगामा देखने को मिला।
परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही आरजेडी और कांग्रेस के सभी विधान पार्षद खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। विपक्ष ने प्रश्नकाल नहीं चलने दिया, जिसके बाद सदन की कार्यवाही ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सदन में कहा कि बिहार में बलात्कार और हत्या की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब से सम्राट चौधरी गृह मंत्री बने हैं, तब से महिलाओं के खिलाफ अपराधों में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी ने खुद कहा था कि घटनाएं बढ़ेंगी तो इस्तीफा देंगे, ऐसे में अब उन्हें तुरंत पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी इस्तीफे की मांग की। राबड़ी देवी के बयान के बाद सदन का माहौल और गर्मा गया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में विपक्ष ने सरकार से बलात्कार और हत्या के मामलों पर जवाब देने की मांग की। देखते ही देखते पूरा विपक्ष वेल में पहुंच गया और ताली बजाकर नारे लगाने लगा। मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए “नीतीश कुमार हाय-हाय” के नारे लगाए गए। हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खड़े होकर बोलने लगे।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अपने कार्यकाल में कुछ भी काम नहीं किया और अब सरकार के काम करने पर हंगामा कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की बातों का कोई मतलब नहीं है। हालांकि, मुख्यमंत्री के बयान के दौरान ही विपक्ष ने नारेबाजी और तेज कर दी। इस दौरान सदन में उस वक्त स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जब राबड़ी देवी खुद खड़ी होकर मुख्यमंत्री के सामने आ गईं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राबड़ी देवी के बीच तीखी तू-तू मैं-मैं हुई और दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आए। मुख्यमंत्री भी गुस्से में दिखाई दिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नारेबाजी कर रहे सदस्यों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो लोग आज शोर मचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य के विकास के लिए व्यापक काम किया है और बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है।
नीतीश कुमार ने मगही में बोलते हुए राबड़ी देवी को लड़की बोला। उन्होंने कहा कि "ई लड़की है। इसका जब (लालू यादव) हट गए तब इसको (राबड़ी देवी) बना (मुख्यमंत्री) दिया। ई सब पर एक्शन लेना चाहिए। ई सबको कुछो आता है।" लगातार हंगामे के कारण सभापति अवधेश नारायण सिंह ने बिहार विधान परिषद की कार्यवाही ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
हालांकि हंगामे के बीच बिहार नगर पालिका विधि सेवा नियमावली 2025 और बिहार नगर पालिका योजना सेवा नियमावली 2025 की एक-एक प्रति सदन पटल पर रखी गई। इसके पूर्व सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधान परिषद के पोर्टिको में राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्ष के द्वारा प्रदर्शन किया गया।
राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग की। इस मामले में राजद विधान पार्षद अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि सदन का ध्यान आकर्षित करना है कि दरभंगा में 5 साल की बच्ची के साथ बलात्कार किया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सामने हैं और इस पर क्या कर रहे हैं, वे सदन में बताएं।
इस दौरान विधान परिषद में उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में जोर-जोर से बोलने लगे। जैसे ही मुख्यमंत्री बोलने के लिए खड़े हुए, सत्ता पक्ष सक्रिय हो गया। ट्रेजरी बेंच की दूसरी कतार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ठीक पीछे बैठे जदयू विधान पार्षद संजय गांधी बेचैन हो उठे।
बेचैनी इस कदर थी कि मुख्यमंत्री के बोलने के दौरान ही वे अपनी सीट से उठकर नीतीश कुमार के समीप जाकर खड़े हो गए। चूंकि सदन की कार्यवाही का लाइव प्रसारण हो रहा था, लिहाजा वे खुद से माइक बंद नहीं कर सकते थे। लिहाजा इशारा किया जाने लगा कि मुख्यमंत्री की आवाज को म्यूट कर दिया जाय। क्षण भर की बेचैनी के बाद फिर वे अपनी सीट की तरफ मुड़े, आकर सीट पर बैठे।
इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो सदन में खड़े होकर विपक्ष पर हमलावर थे, उनकी माइक बंद करा दी गई। इशारा हुआ कि अब माइक बंद है। इस तरह से मुख्यमंत्री की आवाज को सेंसर कर दिया गया। आसन पर बैठे उपसभापति ने भी मामले को आगे बढ़ाते हुए,1 मिनट में दूसरे कार्य निपटाए गए। फिर सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
मुख्यमंत्री की माइक को बंद किए जाने पर राजद सदस्यों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राजद सदस्य सुनील सिंह ने कहा है कि किसके इशारे पर मुख्यमंत्री की माइक को बंद किया गया, इसकी जांच होनी चाहिए। उधर, सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा के गेट पर विपक्षी विधायकों ने पोर्टिको में प्रदर्शन किया।
नीट छात्रा की मौत और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के मुद्दे पर जमकर नारेबाजी हुई। प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर लहराए, जिनमें लिखा था कि “रेप, हत्या, किडनैपिंग कब रुकेगी? कानून है, पर डर नहीं। जवाब दो सरकार!” चनपटिया से कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में विशेष टी-शर्ट पहनकर सदन पहुंचे।
टी-शर्ट पर लिखा था “आज जेल होई, कल बेल होई, परसो से वो ही खेल होई।” उन्होंने कहा कि “हम पप्पू यादव के साथ खड़े हैं।” वहीं, कांग्रेस विधायक कमरुल होदा ने भी पप्पू यादव की गिरफ्तारी को गलत ठहराया कहा कि “बिहार में लोकतंत्र नहीं, राजतंत्र चल रहा है।”