मकर संक्रांति के अवसर पर लालू प्रसाद यादव के आवास पर पसरा रहेगा सन्नाटा, नहीं होगा दही-चूड़ा भोज का आयोजन 

By एस पी सिन्हा | Updated: January 13, 2026 19:05 IST2026-01-13T19:04:24+5:302026-01-13T19:05:18+5:30

लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (जजद) प्रमुख तेजप्रताप यादव इस बार भव्य दही-चूड़ा भोज का आयोजन कर रहे हैं।

bihar lalu family Lalu Prasad Yadav's residence remain quiet Makar Sankranti no Dahi-Chuda feast | मकर संक्रांति के अवसर पर लालू प्रसाद यादव के आवास पर पसरा रहेगा सन्नाटा, नहीं होगा दही-चूड़ा भोज का आयोजन 

file photo

Highlightsसभी जिलों से लालू यादव के समर्थक पटना पहुंचते थे और भोज में शामिल होते थे।विधानसभा के अध्यक्षों सहित विभिन्न दलों के नेताओं को स्वयं आमंत्रण पत्र दिया है। सबसे पहले 2018 में राबड़ी आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन नहीं हुआ।

पटनाः मकर संक्रांति के मौके पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के आवास पर इसबार दही-चूड़ा भोज का आयोजन नहीं किया जायेगा। दरअसल, मकर संक्रांति के अवसर पर लालू यादव के घर दही-चूड़ा भोज का भव्य आयोजन किया जाता रहा है। इस दिन लालू यादव नेताओं कार्यकर्ताओं के साथ साथ आम लोगों के लिए भी भोज का आयोजन करते थे। कई बार मकर संक्रांति का दही-चूड़ा भोज राजनीतिक बदलाव का संकेतक भी होता था और शक्ति प्रदर्शन का एक जरिया भी माना जाता था। बता दें कि बिहार के राजनीतिक गलियारों में दही-चूड़ा भोज की परंपरा 1994-1995 में लालू प्रसाद यादव ने ही शुरू की थी। दो दिनों तक लालू यादव के घर के बाहर लोगों का मेला लगा रहता था। सभी जिलों से लालू यादव के समर्थक पटना पहुंचते थे और भोज में शामिल होते थे।

तब राबड़ी आवास के बाहर की रौनक देने वाली होती थी। लेकिन इस बार राबड़ी आवास के बाहर सन्नाटा पसरा रहेगा। हर साल बिहार की राजनीति में शक्ति प्रदर्शन और सियासी एकजुटता के बड़े मंच के रूप में देखे जाने वाले इस आयोजन की परंपरा इस वर्ष टूटती नजर आ रही है। राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने स्पष्ट किया है कि इस बार मकर संक्रांति के मौके पर लालू-राबड़ी आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह जानकारी राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद दी।

उल्लेखनीय है कि लालू यादव के आवास पर मकर संक्रांति का दही-चूड़ा भोज न सिर्फ बिहार, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय रहा है। इस आयोजन में आरजेडी के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और सहयोगी दलों के प्रमुख नेता शामिल होते रहे हैं। कई बार इसे बिहार की राजनीति में समीकरण बदलने वाला मंच भी माना गया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई दिग्गज नेता अतीत में इस भोज में शिरकत कर चुके हैं। हालांकि, इस बार लालू यादव के यहां आयोजन नहीं होने के बावजूद मकर संक्रांति का सियासी रंग फीका पड़ता नहीं दिख रहा है। लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (जजद) प्रमुख तेजप्रताप यादव इस बार भव्य दही-चूड़ा भोज का आयोजन कर रहे हैं।

तेजप्रताप यादव ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, कई मंत्री, विधान परिषद और विधानसभा के अध्यक्षों सहित विभिन्न दलों के नेताओं को स्वयं आमंत्रण पत्र दिया है। यह महाभोज 14 जनवरी को पटना में आयोजित होगा। सबसे पहले 2018 में राबड़ी आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन नहीं हुआ।

दरअसल, 2018 में 28 वर्षों में यह पहली बार था जब चारा घोटाले में सजा होने और लालू यादव के जेल में होने के कारण भोज रद्द करना पड़ा। वहीं 2019 में भी लालू यादव के जेल में रहने और खराब स्वास्थ्य के कारण भोज नहीं हुआ। 2020 में लालू यादव की अनुपस्थिति और पार्टी की राजनीतिक स्थितियों के कारण लगातार तीसरे साल भी आयोजन नहीं किया गया।

2021 और 2022 में कोरोना महामारी के कारण सुरक्षा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक भोज का आयोजन नहीं हुआ। 2023 में भोज की तैयारी पूरी थी, लेकिन आयोजन से ठीक पहले दिग्गज नेता शरद यादव के निधन के कारण इसे अंतिम समय पर रद्द कर दिया गया। हालांकि 2024 और 2025 में भोज का आयोजन हुआ। लेकिन एक बार भी 2026 में भोज का आयोजन नहीं हो रहा है।

Web Title: bihar lalu family Lalu Prasad Yadav's residence remain quiet Makar Sankranti no Dahi-Chuda feast

भारत से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे