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बिहारः मानव तस्करों से मुक्त करायी गई लड़कियों के लिए हर जिले में बनाया जाएगा 'रक्षा गृह', जानिए इसके बारे में

By एस पी सिन्हा | Updated: November 21, 2021 19:58 IST

 विभाग के अनुसार ऐसी युवतियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए जिलों में बन रहे रक्षा गृह में पढाई-लिखाई के साथ जीवन कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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ठळक मुद्दे घर से भागकर बाल विवाह करने वाली युवतियों कई कठिनाइयों का सामना करती हैंरक्षा गृह महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित किया जाएगाप्रत्येक रक्षा गृह में 50 लड़कियों के रहने की व्यवस्था होगी

पटना।बिहार सरकार ने घर से भागी और मानव तस्करों से मुक्त करायी गई युवतियों को रखने के लिए हर जिले में एक रक्षा गृह बनाने का निर्णय लिया है। यह रक्षा गृह महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित किया जाएगा जिसमें 50 लड़कियों के रहने की व्यवस्था होगी। गौरतलब है कि फिलहाल बालिका गृह में घर भागी हुई, भूली भटकी और आपराधिक घटनाओं में संलिप्त लड़कियों को एक साथ रखा जाता है।

रक्षा गृह में  युवतियों को सुरक्षा देने के साथ उनके हुनर को निखारने का काम किया जाएगा

 घर से भागकर बाल विवाह करने वाली युवतियों कई कठिनाइयों का सामना करती हैं। परिवार की मर्जी से विवाह करनेवालीं (भागकर) युवतियों को न तो मायके वाले रखना चाहते हैं और न ही ससुराल वाले। ऐसी स्थिति में युवतियां बालिका गृह में रहने को मजबूर होती हैं।  इन गंभीर समस्याओं को देखते हुए समाज कल्याण विभाग ने सभी जिलों में रक्षा गृह बनाने का फैसला लिया है। साथ ही रक्षा गृह में इन युवतियों को सुरक्षा देने के साथ उनके हुनर को निखारने का काम किया जाएगा।

मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के बाद रक्षा गृह को बंद कर दिया गया था

 विभाग के अनुसार ऐसी युवतियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए जिलों में बन रहे रक्षा गृह में पढाई-लिखाई के साथ जीवन कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभाग के निदेशक राजकुमार के अनुसार राज्य के सभी जिलों में रक्षा गृह बनेगा और उसमें उनके हुनर को निखारने का काम किया जाएगा।  इससे पहले महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से पहले भी पांच जिलों में रक्षा गृह खोले गये थे। लेकिन मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के बाद रक्षा गृह को बंद कर दिया गया था।

अपराधिक छवि वाली युवतियों को सामान्य युवतियां से अलग रखा जाएगा

घर भागी हुई, भूली भटकी और आपराधिक घटनाओं में संलिप्त युवतियों को फिलहाल बालिका गृह में एक साथ रखा जाता है। ऐसे में अपराधिक छवि वाली युवतियों से सामान्य युवतियां खुद को असहज महसूस करती हैं, जिसके बाद अब इन्हें अलग करने का फैसला लिया गया है। बालिका गृह में अभी सबसे अधिक भागकर बाल विवाह करने वाली युवतियों की संख्या है।

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