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बिहार में कोविड, कई मौत ने सवालों को दिया जन्म, आंकड़ों के फर्जीवाडे़ के बाद उठने लगे सवाल

By एस पी सिन्हा | Updated: February 20, 2021 15:17 IST

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में कोविड-19 के नए मामलों में बढ़ोतरी हुई है।

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ठळक मुद्देदो राज्यों महाराष्ट्र और केरल में कोविड-19 के 75.87 प्रतिशत उपचाराधीन मामले हैं।रिपोर्ट के मुताबिक 2,22,313 सत्र में कोविड-19 के 1,07,15,204 टीके दिए गए। 63,28,479 स्वास्थ्यकर्मियों को पहली खुराक दी गयी जबकि 8,47,161 स्वास्थ्यकर्मियों को दूसरी खुराक दी गयी।

पटनाः बिहार कहीं वुहान तो नहीं बन रहा है? इसका कारण यह है कि अचानक हो रही मौतों ने कई सवालों को जन्म दे दिया है।

एक सप्ताह पहले पटना जिले के मसौढ़ी बाजार में अचानक एक व्यक्ति गिर पड़ा, जिसकी मौत हो गई। अभी शुक्रवार को ही नालंदा जिले में मैट्रिक की परीक्षा देने आए छात्र की मौत हो गई। ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जो चीन के बुहान में कोरोनाकाल के दौरान सामने आती थीं, ठीक उसी प्रकार यहां भी कई मौतों की खबरें सामने आई हैं, जो पहले नही देखी जाती थीं।

बिहार में कोरोना जांच के नाम पर सामने आये फर्जीवाडे़ के बाद इस प्रकार की तमाम सवालों का दौर शुरू हो गया है। आम लोग दबे जुबान यह कहते मिल जा जा रहे हैं कि कहीं कोरोना का कहर तो नहीं, जिसके चलते लोगों की अचानक मौतें हो जा रही हैं?

हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही हैं कि मौतों का कारण क्या मिल रहा है। शुक्रवार को ही बिहारशरीफ के आदर्श हाईस्कूल परीक्षा केंद्र पर पहली पाली में 10वीं कक्षा के एक छात्र की संदिग्ध तरीके से हुई मौत ने कई सवाल खडे़ कर दिये हैं।

बताया जा रहा है कि छात्र रोहित कुमार परीक्षा केंद्र पर अचानक ही बेहोश होकर गिर पड़ा। मृतक रोहित कुमार भला-चंगा ही परीक्षा देने आया था, परीक्षा देते हुए अचानक तबीयत बिगड़ गई और तत्काल ही मौत हो गई।

अब डॉक्टरों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही छात्र के मौत की असली वजहों को पता चल पाएगा, इसके पहले भोजपुर जिले के एकवारी में एक स्वस्थ व्यक्ति की अचानक मौत हो गई थी, इसतरह की कई मौतें सामने आई हैं, जैसी की चीन के वुहान से सामने आती थीं।

ऐसे में लोगों को यह डर सताने लगी है कि कोरोना की सही स्थिति की सच्चाई सामने नही आने से कहीं बिहार में भी तो कोरोना लोगों को निगल तो नहीं रहा है? जानकार बताते हैं कि श्मसान घाटों पर भी हर साल की तुलना में अंत्येष्टी के लिए आ रही अधिक शवों की संख्यां भी इस संदेह को और पुख्ता कर रहा है।

अब कारण चाहे जो भी हो, लेकिन आंकड़ों के फर्जी खेल के बाद इस बात की संभावना व्यक्त की जाने लगी हैं कि बिहार में कोरोना का कहर थमा नही है, भले हीं आंकड़ों की जाले में सरकार सच्चाई को सामने नही आने दे रही हो, अगर ऐसी ही स्थिति रही तो आने वाले समय में हालात और भी अधिक भयावह हो जा सकते हैं. जिसका अंदाज लगा पाना मुश्किल होगा।

टॅग्स :बिहार में कोरोनाकोविड-19 इंडियास्वास्थ्य मंत्री भारत सरकारनीतीश कुमारबिहारपटना
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