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बक्सर के गंगा घाटों पर लगा लाशों का ढेर, प्रशासन ने दिया जवाब कहा- हमारी नहीं यूपी के लाशें है

By दीप्ती कुमारी | Updated: May 10, 2021 18:50 IST

बक्सर के गंगा घाट पर लाशों का अंबार लग गया है । इस बारे में प्रशासन से पूछे जाने पर अधिकारियों ने कहा कि यह हमारी लाशें नहीं है , उत्तरप्रदेश से बहकर आई है ।

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ठळक मुद्देबक्सर के गंगा घाटों पर मिला लाशों का ढेरप्रशासन ने कहा - यह हमारी नहीं , उत्तरप्रदेश से बहकर आई लाश है स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रशासन कोई मदद नहीं कर रहा है

पटना :  भारत में कोरोना संक्रमित का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है । साथ ही प्रतिदिन मरने वालों की संख्या भी  4 हजार के पार पहुंच चुकी है । ऐसे में लोगों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि मरने वाले लोगों का उचित ढंग से अंतिम संस्कार किया जाए । अगर प्रशासन इस बात को लेकर  सचेत नहीं होता है तो यह किसी बड़ी समस्या का कारण बन सकता है ।

बक्सर के गंगा घाटों पर मिला लाशों का ढेर

 बिहार के बक्सर से परेशान करने वाली तस्वीरें आई है । एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, यहां चौसा के महादेव घाट पर लाशों का अंबार लग गया है । जिला प्रशासन ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह  उत्तर प्रदेश की लाशें है जो यहां बैठ बहकर आई है । 

चौसा के बीडीओ अशोक कुमार ने बताया कि करीब 40 से 45 लाशें हैं , जो उत्तर प्रदेश से  बहकर महादेव घाट पर आ गई है । उन्होंने बताएं कि यह हमारे यहां की लाश  नहीं है  क्योंकि हमने एक चौकीदार लगा कर रखा है,  जिसकी  निगरानी में शव को जलाया जाता है न। ऐसे में उत्तर प्रदेश से  आ इन लाशों के बारे में   अधिकारी ने कहा कि यूपी से आ रहे लाशों को फिलहाल रुकने के लिए हमारे पास कोई उपाय नहीं है इसके लिए हम इसके  निष्पादन  के बारे में सोच रहे हैं ।

वहीं अन्य पहलुओं पर बात करें तो यह संक्रमण से ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है । पवनी निवासी नरेंद्र कुमार मौर्य कहते हैं कि चौसा घाट की स्थिति बहुत दयनीय है । कोरोना संक्रमण के कारण यहां रोज 100 से 200 शव  आते हैं लेकिन लकड़ियों के अभाव में लाश को गंगा नदी में ही फेंक देते हैं । इसे किसी अन्य समस्या के उत्पन्न होने का खतरा सता रहा है और प्रशासन भी इस मामले में कोई मदद नहीं कर रहा है। स्थानीय लोग इस मामले में विद्युत शवदाह गृह की मांग को लेकर भी प्रशासन का विरोध कर रहे हैं लोगों का कहना है कि अगर विद्युत शवदाह गृह की सुविधा होती तो शवों का  आसानी से अंतिम संस्कार किया जा सकता था । 

टॅग्स :बिहारबक्सरबिहार में कोरोना
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