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तेजस्वी यादव के साथ रहने से कोई लाभ नहीं?, बिहार में एकला चलो का नारा?, शकील अहमद खान ने कहा- अब अपने रास्ते पर चलने की जरूरत

By एस पी सिन्हा | Updated: January 8, 2026 15:46 IST

पूर्व विधायक डा. शकील अहमद खान ने साफ कहा है कि बिहार में कांग्रेस को अब अपने रास्ते पर चलने की जरूरत है।

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ठळक मुद्देराजद के साथ रहने से कांग्रेस को लगातार नुकसान हुआ है।राजनीति में कांग्रेस की अपनी पहचान कमजोर होती जा रही है।राजद के साथ रहने से पार्टी को अपेक्षित राजनीतिक लाभ नहीं मिल पा रहा है।

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव में औंधे मुंह की खाई कांग्रेस अब अपनी अलग राह तलाशने में जुट गई है। चर्चा है कि कांग्रेस अब राजद से अलग होकर अपनी सियासी पकड़ मजबूत करना चाहती है। कांग्रेस विधायक दल का नेता रह चुके पूर्व विधायक डा. शकील अहमद खान ने साफ कहा है कि बिहार में कांग्रेस को अब अपने रास्ते पर चलने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि राजद के साथ रहने से पार्टी को लगातार नुकसान हुआ है। शकील अहमद खान ने बताया कि दिल्ली में हुई बैठक में बिहार के करीब 60 संभावित उम्मीदवारों और जिलाध्यक्षों ने एक सुर में कहा कि कांग्रेस को बिहार में अकेले चुनावी मैदान में उतरना चाहिए। नेताओं का मानना है कि गठबंधन की राजनीति में कांग्रेस की अपनी पहचान कमजोर होती जा रही है।

राजद के साथ रहने से पार्टी को अपेक्षित राजनीतिक लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और उसे सभी जाति, वर्ग और धर्म के लोगों को साथ लेकर चलना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि पार्टी अपनी राजनीतिक लाइन स्पष्ट करे। शकील अहमद खान ने दो टूक कहा कि जिसके साथ रहने से कोई फायदा नहीं हो रहा है, उससे हट जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी जमीन पर खुद खड़ा होना होगा। बिहार में बैसाखी के सहारे कांग्रेस मजबूत नहीं हो सकती। शकील अहमद खान ने कहा कि हर चुनाव में राजद का “बैगेज” कांग्रेस के कंधे पर आ जाता है, जिससे पार्टी को नुकसान उठाना पड़ता है।

उन्होंने दावा किया कि अगर कांग्रेस स्पष्ट रणनीति और आत्मविश्वास के साथ अकेले आगे बढ़े, तो बिहार में पार्टी को दोबारा मजबूती मिल सकती है। कांग्रेस नेता इए इस बयान के बाद सियासत गर्माने की संभावना जताई जाने लगी है। इसके पहले भी राजद ने पलटवार करते हुए कहा था कि कांग्रेस अपने दम पर नही बल्कि राजद के वोट से चुनाव जीतती रही है।

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