पूर्णियाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्णिया रैली में ऐलान किया कि बिहार चुनाव 2020 मेरा आखिरी इलेक्शन है। पूर्णिया में बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि आज चुनाव का आखिरी दिन है, परसों चुनाव है और ये मेरा अंतिम चुनाव है। अंत भला तो सब भला। धमदहा में चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे।
चुनावी रैली में ही नीतीश कुमार ने बड़ी बात कह दी है। सीएम नीतीश ने कहा कि यह मेरा अंतिम चुनाव होगा।नीतीश कुमार ने कहा कि कुछ लोग ऐसी फालतू बातें कर रहे हैं कि लोगों को देश के बाहर कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘किसी में दम नहीं कि हमारे लोगों को देश से बाहर कर दे।’’ नीतीश कुमार ने किशनगंज में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही, जहां मुसलमानों की अच्छी खासी आबादी है।
आखिरी दिन है और परसों चुनाव है, यह मेरा अंतिम चुनाव
जान लीजिए आज चुनाव का आखिरी दिन है और परसों चुनाव है, यह मेरा अंतिम चुनाव है, अंत भला तो सब भला। बता दें कि नीतीश कुमार ने साल 1977 में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था, उन्होंने नालंदा के हरनौत से राजनीति में एंट्री की। हरनौत विधानसभा सीट से नीतीश कुमार चार बार चुनाव लड़े, जिसमें उन्हें 1977 और 1980 के चुनाव में हार मिली, जबकि 1985 और 1995 के चुनाव में वो विजयी हुए। चौथी बार सीएम पद की रेस में हैं। वह एनडीए के सीएम प्रत्याशी है।
गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने साल 1977 में अपना पहला चुनाव लड़ा था। वह कई बार लोकसभा के सांसद रहे और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री भी रहे । नीतीश कुमार साल 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री हैं । जनता से बिहार के विकास के लिए राजग को वोट देने की अपील करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य की पहले की स्थिति और आज की स्थिति किसी से छिपी नहीं है।
उन्होंने कहा कि राज्य को अभी विकास के नए आयाम तय करने हैं और इसके लिए राजग के पक्ष में मतदान जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘जब हमें काम करने का मौका मिला, तब हमने कहा था कि न्याय के साथ विकास किया जाएगा। हमने अपना वादा पूरा किया। हमने किसी की भी उपेक्षा नहीं की, सबको साथ ले कर चले, सबका विकास किया। आगे मौका मिला तो राज्य को विकास की नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।’’
सरकार द्वारा किये गए कार्यों का भी उल्लेख किया
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिये उनकी सरकार द्वारा किये गए कार्यों का भी उल्लेख किया। कुमार ने कहा, ‘‘ये कौन दुष्प्रचार करता रहता है, फालतू बातें कहता रहता है। यहां से, देश से कौन किसको बाहर करेगा। देश में किसी में दम नहीं है कि हमारे लोगों को बाहर करे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ सभी लोग हिन्दुस्तान के हैं, कौन बाहर करेगा?’’ विपक्ष पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए नीतीश ने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि समाज में झगड़ा चलता रहे और काम करने की जरूरत नहीं हो।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के इस बयान को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लेकर एआईएमआईएम सहित कुछ विपक्षी दलों के आरोपों से जोड़कर देखा जा रहा है। नीतीश ने कहा, ‘‘हमको जब से काम करने का मौका मिला, हमने समाज में शांति, भाईचारा और सद्भाव का माहौल बनाने के लिये काम किया, क्योंकि समाज में जब सद्भाव रहेगा तभी लोग तरक्की करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब हमें काम करने का मौका मिला, तब हमने कहा था कि न्याय के साथ विकास किया जाएगा और अपना वादा पूरा किया।’’