पटना:बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए भड़काऊ और हिंसक गानों को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने भोजपुरी और अन्य भाषाओं के करीब एक दर्जन गायकों को कानूनी नोटिस भेजा है, जिन पर बिना अनुमति उनके नाम और पार्टी का इस्तेमाल करने का आरोप है। दरअसल, विधानसभा चुनाव में राजद की शर्मनाक हार के पीछे कुछ भोजपुरी गानों की अहम भूमिका रही। राजद के चुनाव प्रचार में कुछ उत्तेजक गानों का इस्तेमाल किया और पीएम मोदी ने इसे बड़ा मुद्दा दिया, जिसका नतीजा अब सबके सामने है।
तेजस्वी यादव ने भी अपनी हार के लिए इन गानों को दोषी माना है। उनका आरोप है कि इन सिंगरों ने बिना अनुमति के राजद पार्टी और तेजस्वी यादव के नाम का इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं चुनाव अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे गाने सोशल मीडिया पर वायरल किए गए। कई गानों में हिंसक, उकसाऊ और अराजकता फैलाने वाले डायलॉग शामिल थे। तेजस्वी यादव ने सभी सिंगरों को कानूनी नोटिस भेजते हुए पूछा है कि उनकी अनुमति के बिना पार्टी और उनके नाम का इस्तेमाल क्यों किया गया? उधर, तेजस्वी यादव के इस कदम पर सियासत गर्मा गई है।
जदयू के मुख्य प्रवक्ता एवं विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा कि कानूनी नोटिस भेजने का आपको अधिकार है, लेकिन इतिहास के उन पन्नों का आलोकन कर लीजिए, जब आप यात्रा में निकले थे और उस समय आपके कार्यकर्ता वही गाने को बजा रहे थे। कृपया करके उनको भी नोटिस भेज दीजिए। तब होगा कि आप राजनीति में पारदर्शी हैं। नहीं तो ऐसे में लगेगा कि आप विषधर की तरह राजनीति में काम कर रहे हैं।
नीरज कुमार ने कहा कि इस हार के सबसे बड़े गुनहगार तेजस्वी यादव हैं। वहीं, राज्य के मंत्री नारायण प्रसाद में कहा कि जब उनकी यात्रा निकली थी, तब वह गाना बज रहा था तो उनको अच्छा लग रहा था और हार गए हैं तो ठीकरा फोड़ रहे हैं। यह कहीं से उचित नहीं है, हारने पर यह लोग बौखलाहट में हैं, इसलिए ऐसा कर रहे हैं। जबकि राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि 'सिक्सर के 6 गोली सीने में...', ये प्रधानमंत्री जी की चुनावी भाषणों में चला करता था और इसके गायक, उन्हीं के पार्टी के पवन सिंह हैं। उन्होंने यह गाना गाया है। इस गाने को भाजपा ने राजद के खिलाफ इस्तेमाल किया है।
उन्होंने पूछा कि 'लाठिए के जोर पर लालटेन का...' गाना कौन गाया? मिश्रा जी ने वादा किया, गाए। इल्जाम राजद पे आया। तो आपको उन गायकों के चरित्र का भी एक बार अवलोकन करना चाहिए। चूंकि देश के प्रधानमंत्री हैं, इतना सफेद झूठ बोल कर निकल जाते हैं कि भाई जी का शासन आएगा, तो सिक्सर के 6 गोली सीने में लगेंगे। ये कितनी भद्दी, 'बिलो द बेल्ट' टिप्पणी थी। हम लोगों ने कोई इसका उत्तर नहीं दिया। पर अब तो लगता है कि उन सभी लोगों को नोटिस करके, उन्हीं से स्पष्टता करनी चाहिए कि किस पार्टी के लिए आपने गाया है? इसलिए सबको नोटिस भेजा जा रहा है।
बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान कई गीतों में यह संदेश देने की कोशिश की गई कि तेजस्वी के मुख्यमंत्री बनने पर कानून व्यवस्था बिगड़ जाएगी। एक गाने में इस्तेमाल की गई लाइन “6 ठो गोली मारब कपारे में”, “मारब सिक्सर के छौ गोली छाती में रे”ने खासा विवाद खड़ा किया था। इस बीच यह मामला सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। एक तरफ कई लोग गायकों के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ कलाकार इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा बता रहे हैं।