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चीन में सार्स वायरसः भारत सहित कई देश हुए सतर्क, एयरपोर्ट पर थर्मल स्कैनर लगाए गए, जांच जारी

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 21, 2020 20:46 IST

नेशनल हेल्थ कमीशन ने बताया कि इस विषाणु के करीब 80 नये सत्यापित मामले सामने आये हैं। एनएचसी के अनुसार, यह विषाणु अब तक 6 लोगों की जान ले चुका है और 900 से अधिक लोग अब भी चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

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ठळक मुद्देचीन से आने वाले यात्रियों को दिल्ली, मुंबई और कोलकाता सहित कई एयरपोर्ट पर थर्मल जांच से गुजरना होगा। हवाईअड्डा स्वास्थ्य संगठन (एपीएचओ) ने हवाईअड्डे के पूर्व-आव्रजन क्षेत्र में एक स्वास्थ्य काउंटर शुरू किया है।

कोरोनावायरस को लेकर जारी चिंता के बीच भारत समेत दुनियाभर के हवाईअड्डों पर चीन से आने वाले यात्रियों की जांच के लिये इंतजाम किये जा रहे हैं।

भारत में भी सात हवाई अड्डों पर चीन से आने वाले यात्रियों की जांच के लिये व्यवस्था की गई है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक दिल्ली, मुंबई और कोलकाता समेत सात हवाईअड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग के जरिये यात्रियों की जांच हो रही है।

बयान में मंगलवार को कहा गया कि हांगकांग समेत चीन के किसी भी हवाईअड्डे से देश में आने वाली उड़ानों के अंदर यह घोषणा करने को कहा गया है कि बुखार या सर्दी के लक्षण से ग्रस्त कोई यात्री, और ऐसा कोई यात्री जो बीते 14 दिनों के अंदर वुहान की यात्रा पर गया हो वह भारतीय हवाईअड्डों पर पहुंचने के फौरन बाद इस बाबत वहां मौजूद अधिकारियों को जानकारी दे जिससे उसकी जांच की जा सके।

यह चीन के हुबेई प्रांत के वुहान में नए कोरोनावायरस को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी यात्रा परामर्श के साथ ही है, जिसमें नागरिकों से कहा गया था कि वे उस देश की यात्रा के दौरान कुछ ऐहतियाती उपाय अपनाएं। यात्रियों की जांच की सुविधा दिल्ली, मुंबई और कोलकाता के अलावा चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोचीन में भी उपलब्ध होगी।

दरअसल कोरोनावायरस (सीओवी) विषाणुओं के बृहत परिवार का सदस्य है जिसकी वजह से सामान्य सर्दी से लेकर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम जैसी बीमारियां हो रही हैं, लेकिन अब तक चीन में छह लोगों की जान ले चुका यह विषाणु कुछ अलग तरह का है जिसे पहले नहीं देखा गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि नए सीओवी की प्रजाति के लक्षण दिसंबर में वुहान में दिखने शुरू हुए थे और अबतक 300 से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं।

इससे ग्रस्त लोगों में सांस से जुड़ी समस्याएं, बुखार, खांसी आदि हैं। ज्यादा गंभीर मामलों में संक्रमण की वजह से निमोनिया, सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम, गुर्दे खराब होना और मौत तक हो सकती है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक सीओवी विषाणुओं के ज्यादा बड़ी प्रजाति है जिसकी वजह से सामान्य सर्दी से लेकर मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (एमईआरएस-सीओवी) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (एसएआरएस-सीओवी) जैसी गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं।

मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के निदेशक जी अरुण कुमार ने पीटीआई को बताया, “शुरुआती तौर पर उपलब्ध आंकड़ों से संकेत मिलता है कि नए कोरोनावायरस-2019 (2019-एनसीओवी) एसएआरएस-सीओवी और एमईआरएस-सीओवी के मुकाबले कम मौतों का कारक है। इस बीमारी के लक्षण नजर नहीं आने से लेकर गंभीर प्रकृति तक के हो सकते हैं।” इंसानों से इंसानों में इस विषाणु के प्रसार की पुष्टि के बाद दुनिया भर में इसे लेकर दुनिया के कई देशों में अलर्ट जारी किया गया है।

थाईलैंड, जापान और दक्षिण कोरिया में इसके मामले सामने आए हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक कोरोनावायरस संक्रमित जानवर से भी मनुष्यों में फैल सकता है। डब्ल्यूएचओ ने इससे निपटने को देशों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें बीमारों की देखभाल और रोगियों के उपचार से जुड़े दिशा-निर्देश शामिल हैं।

भारत के अलावा, संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग और उत्तर कोरिया जैसे देशों ने भी चीन से आने वाले यात्रियों पर जांच बढ़ा दी है। एक अंतरराष्ट्रीय महामारी के बारे में आशंकाओं को हवा देते हुए चीन में अब तक लगभग 300 लोग कोरोनोवायरस से संक्रमित हो चुके हैं।

मंगलवार को, चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के प्रकोप से मरने वालों की संख्या छह हो गई क्योंकि 15 मेडिकल स्टाफ सहित 291 मामलों की पुष्टि हुई। हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग के अलावा, एशिया और अन्य देशों में रेलवे स्टेशनों और राजमार्गों पर शरीर के तापमान की जांच शुरू हो गई है ताकि बीमारी को और अधिक फैलने से रोका जा सके।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ आने वाले दिनों में चीन के अन्य हिस्सों और यहां तक ​​कि अन्य देशों में अधिक मामलों की चेतावनी के साथ, वार्षिक चंद्र नववर्ष की छुट्टी के दौरान लाखों चीनी यात्रा के रूप में आशंका बढ़ गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में पहले के 3 हवाई अड्डों के अलावा हांगकांग, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोचीन सहित चीन से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग के संबंध में सभी रसद सहायता और व्यवस्थाओं के लिए तुरंत निर्देश दिए हैं।

दरअसल इस वायरस से सांस संबंधी समस्याओं से सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी परामर्श में कहा गया है कि कोरोना वायरस के संचरण के बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन चीन की यात्रा करने वालों को सलाह दी जाती है कि वे खेतों, पशुओं के बाजारों या जहां बूचड़खाने हों वहां की यात्रा करने से बचें। इसके साथ ही लोगों को कच्चे या अधपके मांस के उपभोग करने से भी बचने की सलाह दी गई है।

क्या है यह वायरस:सार्स वायरस परिवार का एक नया सदस्य कोरोना वायरस है। इसके संक्रमण से सर्दी, सांस लेने की तकलीफ, बुखार और थकान की शिकायत होती है। कुछ कोरोना वायरस जानवरों में फैलते हैं, जबकि दूसरे कोरोना वायरस इंसान से इंसान में फैलते हैं। चीन के वुहान में रहस्यमय कोरोना वायरस के प्रकोप से मृतकों की संख्या बढ़ कर 6 हो गयी है। वुहान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। विभाग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार 19 जनवरी की मध्यरात्रि तक कोरोना वायरस के संक्रमण के कुल 291 मामले दर्ज किये गए और 25 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है।

 

 

 

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