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आर्टिकल 370  पर JDU और भाजपा में जारी है रार, राजद ने महागठबंधन में शामिल होने की दी सलाह

By एस पी सिन्हा | Updated: August 13, 2019 21:10 IST

JDU ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया था। जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में ये बात तेज हो गई है कि JDU और बीजेपी में रार है। भारत सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को वापस लेते हुए जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया है। राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया है।

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अनुच्छेद 370 और ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दों पर जदयू द्वारा विरोध किए जाने पर सियासत जारी है. एक बार फिर राजद ने जदयू पर निशाना साधा है. राजद ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाजपा के साथ फंसे हुए नजर आ रहे हैं। राजद नेता शिवचंद्र राम ने कहा है कि नीतीश कुमार को भाजपा के साथ रहकर विरोध करना पड़ रहा है. उनकी भाजपा नहीं सुनती है. इस हालत में जदयू को भाजपा से रिश्ता तोड़ देना चाहिए. नीतीश कुमार को भाजपा को लात मारकर गरीबों, दलितों, शोषितों के साथ आना चाहिए. 

वहीं, महागठबंधन के साथी हम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एनडीए छोड़ने की नसीहत दी है. हम का कहना है कि जिस सिद्धांत पर पर नीतीश कुमार राजनीति करते हैं वो भाजपा से बिल्कुल अलग है. भाजपा की विचारधारा अलग है और नीतीश कुमार को एक ना एक दिन जरूर बाहर आएंगे. राजद और हम ने जदयू को खुला निमंत्रण दिया है कि जदयू भाजपा को छोड़कर महागठबंधन में आ जाएं. 

वहीं, जदयू का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस बेवजह इस पर धर्म की राजनीति कर रही है क्योंकि कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा है कि भाजपा ने मुस्लिम बहुल होने की वजह से जम्मू कश्मीर में यह फैसला लिया है. जदयू नेता व सूबे के उद्योग मंत्री श्याम रजक ने भाजपा और कांग्रेस दोनो पर इस पर राजनीति करने को लेकर निशाना साधा है. नेता श्याम रजक जो धारा 370 को खत्म करने वाले कानून का जमकर विरोध किया था. उनका कहना है कि वह आज भी इसका विरोध करते हैं. श्याम रजक ने धारा 370 को हटाने के पर कहा था कि यह देश के लिए काला दिन है. वह इसका विरोध करते हैं और इसका कभी समर्थन नहीं करेंगे.

श्याम रजक ने कहा कि वह अपने बयान पर आज भी कायम हैं. वह आज भी इसका विरोध करते हैं और आगे भी विरोध दर्ज करते रहेंगे. लेकिन देश में जब कानून बन गया है तो अब इस पर किसी तरह की टिप्पणी का कोई मतलब नहीं है. कानून का विरोध किया जाता है जो मैंने किया और सर्मथन से कानून बनता है जो समर्थन के बाद कानून बन चुका है. इसलिए कानून का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कानून बनने के बाद इसका सम्मान करने के बजाए भाजपा और कांग्रेस इस पर राजनीति कर रहे हैं. दोनों ही देश हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर देश का सत्यानाश कर रहे हैं. यह देश के विकास के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाए वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं. इन्हें यह नहीं समझ में आ रहा है कि जब दिल टूटता है तो देश टूटता है.

वहीं, भाजपा नेता निखिल आनंद ने श्याम रजक के बयान पर कहा है कि वह बेवकूफ हैं. उन्होंने कहा कि कोई बेवकुफ नेता ही भाजपा और कांग्रेस की तुलना कर सकता है. भाजपा और कांग्रेस का कोई तालमेल ही नहीं है. उन्होंने कहा कि श्याम रजक स्थानीय विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर बयान दे रहे हैं. जबकि भाजपा ने धारा 370 को हटाकर एक एतिहासिक काम किया है.

टॅग्स :धारा ३७०तीन तलाक़बिहारजेडीयूराष्ट्रीय जनता दलभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
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