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कोरोना संकट के बीच उत्तर प्रदेश सरकार के इस कदम से 11 लाख बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार, जानें क्या है योगी आदित्यनाथ की प्लानिंग

By गुणातीत ओझा | Updated: May 30, 2020 06:37 IST

उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को प्रदेश में 11 लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, फिक्की, लघु उद्योग भारती और नारडेको के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन तथा फिक्की तीन-तीन लाख तथा लघु उद्योग भारती एवं नारडेको ढाई-ढाई लाख श्रमिकों/कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराएंगी।

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ठळक मुद्देउत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को प्रदेश में 11 लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, फिक्की, लघु उद्योग भारती और नारडेको के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विभिन्न राज्यों से जितने भी श्रमिक व कामगार प्रदेश में आ रहे हैं वे हमारी ताकत हैं। हम इस ताकत का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश के नव निर्माण के लिए करेंगे।

लखनऊ।उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को प्रदेश में 11 लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, फिक्की, लघु उद्योग भारती और नारडेको के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन तथा फिक्की तीन-तीन लाख तथा लघु उद्योग भारती एवं नारडेको ढाई-ढाई लाख श्रमिकों/कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी के चलते पूरी दुनिया में न केवल औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो गयी हैं, बल्कि सामान्य जन-जीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता का परिणाम है कि भारत आज सुरक्षित स्थिति में है।

यूपी में आ रहे श्रमिक व कामगार हमारी ताकत हैंः योगी आदित्यनाथ

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 94 प्रतिशत से अधिक औद्योगिक इकाइयों ने लॉकडाउन के दौरान भी अपने श्रमिकों व कामगारों को मानदेय देने का कार्य किया है, जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विभिन्न राज्यों से जितने भी श्रमिक व कामगार प्रदेश में आ रहे हैं वे हमारी ताकत हैं। हम इस ताकत का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश के नव निर्माण के लिए करेंगे। इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने श्रमिकों/कामगारों के स्किल मैपिंग (कौशल संबंधी जानकारी को एकत्र करने) का कार्य किया है। राज्य सरकार हर हाथ को काम व हर घर को रोजगार देने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में पेंटर, राजमिस्त्री, प्लम्बर, पैरामेडिक्स, कम्प्यूटर ऑपरेटर सहित विभिन्न क्षेत्रों के कुशल लोगों की स्किल मैपिंग की जा रही है। योगी ने कहा कि श्रमिकों/कामगारों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने एक आयोग के गठन की कार्यवाही को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर सेवायोजन कार्यालयों को सक्रिय किया जा रहा है।

ऑनलाइन स्वरोजगार संगम कार्यक्रम का शुभारम्भ

इसकी निगरानी राज्य स्तर पर गठित आयोग द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि विगत दिनों प्रदेश सरकार द्वारा ऑनलाइन स्वरोजगार संगम कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। शुभारम्भ के अवसर पर 56 हजार 754 उद्यमियों को 2 हजार 2 करोड़ 49 लाख रुपये का ऋण ऑनलाइन वितरित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विभिन्न संस्थाओं में कार्यरत 15 हजार रुपये से कम मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को ईपीएफ की सुविधा से जोड़ने का कार्य किया। स्वावलम्बी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी। इस क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा सूक्ष्म, मध्यम एवं लघु उद्योग (एमएसएमई) तथा औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के सम्बन्ध में नीतियों में संशोधन के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यूपीसीडा लैंडबैंक बनाने का कार्य तेजी से कर रही है। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, निर्यात एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रवासी श्रमिकों को उत्तर प्रदेश के भीतर रोजगार देने का जो वायदा किया था, उसको पूरा करने के लिए आज एमएसएई विभाग ने कदम बढ़ाया है।

11 लाख श्रमिकों को मिलेगा रोजगार का अवसर

इसके तहत 11 लाख श्रमिकों को नौकरी दिलाने के आज इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए), फिक्की, नेशनल रीयल एस्टेट डेवलेपमेंट काउंसिल (नरडेको) एवं लघु उद्योग भारती और उत्तर प्रदेश सरकार के मध्यम सहमति पत्र पर दस्तखत किया गया। सिंह ने कहा कि कोविड-19 के चलते जिन राज्यों के ये श्रमिक बोझ लग रहे थे, वही श्रमिक आज उत्तर प्रदेश की पूंजी बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से लौटे श्रमिकों को दक्षता के आधार पर विभिन्न उद्यमों में समायोजित कराने के लिए यह समझौता किया गया है। उन्होंने बताया कि आईआईए तथा फिक्की तीन-तीन लाख तथा लघु उद्योग भारती तथा नारडेको ढाई-ढाई लाख श्रमिकों एवं कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि शेष बचे श्रमिकों को उनकी दक्षता के हिसाब से नौकरी दिलाने का कार्य किया जायेगा। इसके साथ ही अकुशल श्रमिकों को प्रशिक्षित कर उनको मनपसंद रोजगार से जोड़कर कर स्वावलम्बी बनाया जायेगा।

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