Alert of terrorist attack on Amarnath yatra, Defense Minister Nirmala Sitharaman, army chief Bipin Rawat reached Baltal Army base camp | अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले का अलर्ट, रक्षा मंत्री, सेना अध्यक्ष पहुंचे बालटाल आर्मी बेस कैंप

श्रीनगर, 25 जून। जम्मू-कश्मीर में सेना का आतंकियों के खिलाफ 'ऑपरेशन ऑलआउट' जारी है। वहीं इस बीच अमरनाथ यात्रा पर एक बड़े हमले की आशंका जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खुफिया एजेंसी ने अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले का अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि करीब 20 आतंकियों का समूह अमरनाथ यात्रा के दौरान यात्रियों को अपना निशाना बना सकता है। 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह भी कहा जा रहा है कि 20 आतंकी अलग-अलग दो समूह में बंटकर हमला कर सकते हैं। वहीं इस अलर्ट से पहले केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और सेना अध्यक्ष बिपिन रावत बालटाल स्थित आर्मी बेस कैंप पहुंचे। यहां उन्होंने अमरनाथ यात्रा के होने वाली तैयारियों और सुरक्षा बंदोबस्त का जायजा लिया।



बता दें कि इससे पहले बीती 22 जून को सेना को खुफिया रिपोर्ट में सूचना मिली थी कि अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमला हो सकता है जिसके बाद अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन आज यानी सोमवार को एक बार फिर अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले का अलर्ट जारी कर सेना को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

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इस बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने 28 जून से शुरू हो रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा के सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा के लिए सोमवार को जम्मू-कश्मीर के बालटाल बेस कैंप का दौरा किया। सीतारमण के साथ सेना अध्यक्ष बिपिन रावत भी मुख्य तौर पर मौजूद रहें। सीतारमण ने सेना के वरिष्ठ कमांडरों के साथ अमरनाथ यात्रा के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।

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28 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के लिए शीतकालीन राजधानी जम्मू से बालटाल और दक्षिण कश्मीर के पहलगाम के बीच दो बेस कैंप के करीब 400 किलोमीटर यात्रा मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए अर्धसैनिक बलों की 213 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। 

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अमरनाथ गुफा समुद्र तल से 12,756 फीट की ऊंचाई पर है। तीर्थयात्रियों बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहलगाम के रास्ते से तीर्थस्थल पहुंचने में करीब चार दिनों का लंबा सफर तय करना पड़ता है। बालटाल मार्ग से जाने वाले लोग अमरनाथ गुफा में प्रार्थना करने के बाद उसी दिन बेस कैंप लौटते हैं। दोनों मार्गों पर हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध करवाई गई है। 

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