Aadhaar Card: भारत में हर किसी के पास आधार कार्ड है। आधार कार्ड का काम बहुत सी जगहों पर होता है जहां इस दस्तावेज के बिना काम नहीं बनता। इस जरूरी दस्तावेज को लेकर यूआईडीएआई खास सुविधा लेकर आई है। असल में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने आम जनता के लिए आधार से जुड़ी सेवाओं को ज़्यादा सुलभ, समझने योग्य और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक नया कदम उठाया है।
UIDAI ने आधार से संबंधित जानकारी देने में मदद करने के लिए अपना आधिकारिक मैस्कॉट, जिसका नाम “उदय” है, लॉन्च किया है। यह मैस्कॉट एक डिजिटल साथी के रूप में काम करेगा और आधार सेवाओं से संबंधित सवालों, उलझनों और चिंताओं को दूर करने में मदद करेगा।
क्या है ये सुविधा
UIDAI द्वारा पेश किया गया “उदय” मैस्कॉट आम जनता और आधार सेवाओं के बीच एक पुल का काम करेगा। इसका मकसद आधार से जुड़े नियमों, प्रक्रियाओं और सेवाओं को आसान भाषा में समझाना है। चाहे वह आधार अपडेट से जुड़ी जानकारी हो, सर्विस फीस के बारे में सवाल हों, या किसी प्रक्रिया को समझने में दिक्कत हो, “उदय” लोगों को आसान और उपयोगी जानकारी देगा। इसे इस तरह से डेवलप किया गया है कि यह भविष्य में चैटबॉट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिकों की मदद कर सके।
MyGov प्रतियोगिता के ज़रिए मैस्कॉट का चयन
मैस्कॉट का चयन MyGov प्लेटफॉर्म पर आयोजित एक राष्ट्रीय डिज़ाइन और नामकरण प्रतियोगिता के ज़रिए किया गया था। “उदय” को देश भर से मिले क्रिएटिव प्रस्तावों में से चुना गया था। केरल के त्रिशूर के रहने वाले अरुण गोकुल ने मैस्कॉट डिजाइन प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। महाराष्ट्र के पुणे के इदरीस दावावाला और उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के कृष्णा शर्मा ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। भोपाल की रिया जैन ने नामकरण प्रतियोगिता जीती।
समावेशी संचार की दिशा में UIDAI के प्रयास
UIDAI के चेयरमैन नीलकंठ मिश्रा ने तिरुवनंतपुरम में एक कार्यक्रम में आधिकारिक तौर पर ‘उदय’ को लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि यह पहल एक अरब से ज़्यादा आधार धारकों के लिए संचार को ज़्यादा प्रभावी और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। UIDAI के CEO भुवनेश कुमार ने कहा कि जनता की भागीदारी से मैस्कॉट बनाना आधार के मूल सिद्धांतों, यानी विश्वास और स्वीकृति को मजबूत करता है। ‘उदय’ के जरिए UIDAI नागरिकों के साथ बेहतर संचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है।