लखनऊ:उत्तर प्रदेश की विधानसभा में बजट सत्र के 5वें दिन नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और कांग्रेस की नेता विधानमंडल दल मोना आराधना मिश्रा मोना ने सूबे की कानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार को घेरा. विधानसभा में इन दोनों नेताओं के कानून व्यवस्था के मसले पर प्रदेश सरकार को घेरने की मुख्य वजह लखनऊ से सटे बाराबंकी में दिनदहाड़े अज्ञात हमलावरों द्वारा मुख्तार अंसारी के शूटर रहे शोएब किदवई की गोली मार हत्या किया जाना रहा.
इस घटना की जानकारी होने के बाद ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार दावा करती है कि राज्य में सारे अपराधियों को ठिकाने लगा दिया गया, इसके बाद भी अपराधी सारे आम घटना को अंजाम दे रहे हैं. प्रदेश में एक ट्रेंड देखा जा रहा है कि पुलिसकर्मी और दरोगा डकैती में लिप्त पाए जा रहे हैं. इन पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. माता प्रसाद ने राज्य में स्थाई डीजीपी की नियुक्ति की मांग की. जबकि कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि एनकाउंटर की संख्या बढ़ाने से राज्य की कानून व्यवस्था नहीं सुधरेगी.
राज्य में स्थायी डीजीपी क्यों नहीं तैनात करती सरकार
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए विधानसभा में माता प्रसाद पांडेय ने यह मांग भी कि भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए क्योंकि इसके बिना कितना भी बजट लेकर आएं विकास होने वाला नहीं है. ऐसे अफसर प्रशासन में हर स्तर पर हैं और इन पर कार्रवाई जरूरी है. यह दावा करते हुए माता प्रसाद ने राज्य में स्थाई डीजीपी की नियुक्ति की मांग की. उन्होने सरकार से सवाल पूछा की क्यों प्रदेश में स्थायी डीजीपी तैनात किया जा रहा है.
माता प्रसाद का कहना है कि कार्यवाहक डीजीपी बनाए जाने से वह पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाता है. डीजीपी ऐसा होना चाहिए जो स्वतंत्र रूप से काम कर सके. आज यूपी का यह हाल है कि डकैती में दरोगा और पुलिसकर्मियों का नाम आता है और कहा जाता है कि कानून व्यवस्था ठीक है.अपराधियों को गोली से उड़ा देने से कानून व्यवस्था ठीक नहीं होगी. भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा क्यों प्रदेश सरकार लोकायुक्त के प्रत्यावेदन पर एक्शन नहीं ले रही.
यह दावा करते हुए माता प्रसाद ने सदन को बताया कि लोकायुक्त ने चार आईएएस के खिलाफ प्रत्यावेदन सरकार को दिया लेकिन इस पर कोई कार्रवाई सरकार ने नहीं की. उन्होने यह भी कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण को कई बार फरहा लेकिन इस्मने कुछ नहीं है, यह सरकार की तारीफ़ों का पुलिंदा है. उन्होने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को बदहाल बतया और कहा कि 70-80 हजार शिक्षकों को वेतन दिया जा रहा है.सरकारी स्कूल में पढ़ा हुआ बच्चा अच्छी नौकरीनहीं पा पाता है, वहीं, कॉन्वेंट स्कूल के बच्चे बड़े पदों पर पहुंच रहे हैं. इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए.
एनकाउंटर बढ़े लेकिन नहीं सुधरी कानून व्यवस्था
राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण में कानून व्यवस्था को लेकर बड़े बड़े दावे किए गए हैं, लेकिन हकीकत इससे उल्ट है. प्रदेश महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में पहले स्थान पर है. प्रदेश में बड़ी संख्या में कस्टोडियल डेथ हो रही है. लोगों को पकड़ -पकड़ कर उनके पैरों में गोली मारी जा रही है. सिर्फ एनकाउंटर की संख्या बढ़ाने से कानून व्यवस्था ठीक होने वाली नहीं है. इसके लिए ठोस प्रयास करने होंगे. तब ही सड़कों पर सारे आम लोगों को गोली मारने की हिम्मत कोई अपराधी नहीं करेगा.
उन्होंने बुनकरों का मुद्दा भी उठाया और कहा सरकार को बुनकरों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए. सरकार को किसान और बुनकरों को अलग-अलग नहीं मानना चाहिए. सरकार को किसानों की तरह बुनकरों को भी फ्री बिजली देनी चाहिए. वही कानून व्यवस्था के मुद्दे पर बोलते हुए जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने योगी सरकार की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि राज्य में संगठित अपराध को जड़ से खत्म कर दिया गया है. आपसी रंजिश में होने वाले अपराधों में भी कड़ी कार्रवाई की जाती है. उन्होंने आयुष्मान कार्ड की पात्रता को लेकर लगी शर्त में सुधार की मांग की है.