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झारखंड में सूखे जैसी स्थिति, 58 प्रतिशत कम हुई बारिश, खेती पर बुरा असर, राज्य सरकार कर रही वैकल्पि तैयारी

By भाषा | Updated: July 22, 2022 07:32 IST

झारखंड राज्य फसल योजना के बारे में जानकारी देते हुए कृषि एवं पशुपालन तथा सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि कृषि गोष्ठियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।

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ठळक मुद्देपूरे राज्य में इस वर्ष अब तक 58 प्रतिशत कम वर्षा हुई है अब तक दस प्रतिशत से भी कम खरीफ की बुवाई का काम हुआ हैसुखाड़ की स्थिति बनती है तो केंद्र से भी सहयोग की उम्मीद के साथ योजना तैयार की जा रही हैः राज्य सरकार

रांचीः झारखंड के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने मॉनसून की वर्षा में कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए आज यहां कहा कि पूरे राज्य में इस वर्ष अब तक 58 प्रतिशत कम वर्षा हुई है जिसके चलते इस मौसम में अब तक दस प्रतिशत से भी कम खरीफ की बुवाई का काम हुआ है।

झारखंड के कृषि एवं पशुपालन तथा सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने झारखंड राज्य फसल राहत योजना के क्रियान्वयन के संदर्भ में सभी जिलों के उपायुक्तों, कृषि पदाधिकारियों के साथ बृहस्पतिवार को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी।

मंत्री ने कहा कि 15 मई से 15 अगस्त के बीच पूरे राज्य में बुवाई का मौसम होता है लेकिन बारिश कम होने से पूरे राज्य में 10 प्रतिशत से भी कम बुवाई का काम हुआ है जो एक शुभ संकेत नहीं है। बादल ने कहा, ‘‘इस वर्ष बारिश कम हुई है 10 प्रतिशत से भी कम बुआई हुई है और 65 फ़ीसदी तक बिचड़ा डाला गया है। इसे देखते हुए सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि वैकल्पिक फसल की योजना तैयार रखें।’’

उन्होंने झारखंड राज्य फसल योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कृषि गोष्ठियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रखंड एवं जिला स्तर पर समन्वय समिति का गठन किया गया है । कृषि मंत्री ने राज्य में सूखे की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर कहा कि समय रहते ही वैकल्पिक तैयारी शुरू कर दी गई है और आपदा प्रबंधन के लोगों से संपर्क किया जा रहा है ।

उन्होंने कहा कि राज्य में अगर सुखाड़ की स्थिति बनती है तो केंद्र से भी सहयोग की उम्मीद के साथ योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि सेकेंडरी एक्शन प्लान के तहत अल्पावधि (शॉर्ट टर्म) कृषि योजना बनाई जा रही है इसके लिए सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है। 

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