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Weather Change: मौसम में बड़े बदलाव, सर्दी, खांसी, बुखार और गले में खराश से हर कोई परेशान!, तो डॉक्टर को दिखाएं और दवा लें...

By सैयद मोबीन | Updated: December 12, 2023 12:27 IST

Weather Change: 15 से 20 दिन का समय ले रहा है. इसलिए डॉक्टर की सलाह के बगैर अपनी मर्जी से दवाइयां लेने से परहेज करना चाहिए. 

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ठळक मुद्देहर 15 से 20 मिनट में खांसी आ रही है तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है.सर्दी-खांसी होने पर पीला या हरा कफ बाहर निकल रहा है तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए.सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है. 

Weather Change: पिछले कुछ महीनों से मौसम में बड़े पैमाने पर बदलाव हुआ है. रात में ठंड रहती है तो दिन में गर्मी का एहसास होता है. ऐसे मौसम में अधिकांश घरों में कोई न कोई तो जरूर सर्दी, खांसी, बुखार और गले में खराश की तकलीफ से ग्रस्त है. ऐसी परिस्थिति में लोग डॉक्टर की सलाह लिए बगैर दवाइयां लेते हैं.

हमें बीमारी की तीव्रता देखकर ही दवाइयां लेनी चाहिए. ऐसा नहीं है कि हर वक्त दवाइयां लेनी ही चाहिए, कभी-कभी सर्दी, खांसी तीन-चार दिन में ठीक हो जाती है लेकिन फिलहाल जो वायरल चल रहा है, वह 15 से 20 दिन का समय ले रहा है. इसलिए डॉक्टर की सलाह के बगैर अपनी मर्जी से दवाइयां लेने से परहेज करना चाहिए. 

...तो डॉक्टर को दिखाएं

एक-दो दिन में खांसी ठीक नहीं हुई या हर 15 से 20 मिनट में खांसी आ रही है तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है. यदि कई बार सर्दी-खांसी होने पर पीला या हरा कफ बाहर निकल रहा है तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए. सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है. 

एक-दो दिन करें इंतजार

सर्दी, खांसी: फिलहाल वायरल चल रहा है. अनेक लोगों को सर्दी-खांसी हो रही है लेकिन एक-दो दिन इंतजार करना चाहिए. इसके बाद ठीक न लगे तो डॉक्टर के पास जाएं. 

बदनदर्द: कई लोगों को ऐसे मौसम में बदनदर्द भी होता है. एक-दो दिन आराम करने से भी कई लोगों को ठीक लगने लगता है. 

सिरदर्द: नागरिकों को ऐसे मौसम में सिरदर्द भी होता है. ऐसे में भी लोग अपनी मर्जी से गोलियां ले लेते हैं. लेकिन ज्यादा गोलियां लेने से परहेज करना चाहिए, यदि एक-दो दिन में राहत न मिले तो डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए. 

...तो मल्टी ड्रग्स रेजिस्टंस का खतरा

आमतौर पर मरीजों को सर्दी, खांसी, बुखार या वायरल हो तो वे स्वयं दवाइयां लेते हैं. इनमें वे एंटीबायोटिक्स भी ले लेते हैं. ऐसे में यदि वे अस्पताल में भर्ती हुए तो उन्हें फिर से ज्यादा पावर की एंटीबायोटिक्स दी जाती है. ऐसे में मरीज के शरीर में सूक्ष्मजीव एंटीबायोटिक्स के विरोध में अपनी इम्युनिटी तैयार कर लेते हैं. इससे मल्टी ड्रग्स रेजिस्टंस की स्थिति पैदा हो जाती है. इसलिए जरूरत न हो तो एंटीबायोटिक्स के उपयोग से बचना चाहिए. यदि बुखार शुरुआत से ही 101 डिग्री से ज्यादा है तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें. 

इस बार की खांसी ले रही है ज्यादा टाइम 

क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. इमरान नूर मोहम्मद ने बताया कि फिलहाल वायरल चल रहा है, इस बार की खांसी ज्यादा टाइम ले रही है. वायरल ज्यादा है, बैक्टीरियल इंफेक्शन भी है. कई बार इसमें स्टेरॉइड और नेबुलाइज्ड स्टेरॉइड की भी जरूरत पड़ रही है. 

पहले 3-4 दिन में पैरासिटामल से ठीक हो जाता था लेकिन अब यह 15-20 दिनों तक चल रहा है. ऐसे में अपनी मर्जी से दवाई नहीं लेना चाहिए. फिलहाल एंटीबायोटिक्स की भी जरूरत नहीं पड़ रही बल्कि लो डोज में ही काम हो रहा है लेकिन डॉक्टर की सलाह से ही दवाइयां लें.

टॅग्स :मौसमHealth and Family Welfare Department
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