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AC वाले कमरे में धूम्रपान करना हो सकता है खतरनाक, जानें आपके दिल, दिमाग और किडनी पर कैसे पड़ सकता है असर?

By मनाली रस्तोगी | Updated: June 1, 2024 13:34 IST

धूम्रपान सेहत के लिए खतरनाक है, लेकिन अधिक गर्मी में यह दोगुना नुकसान पहुंचाता है। अगर आप एसी कमरे में बैठकर सिगरेट पीते हैं तो यह और भी खतरनाक है। इससे शरीर की शीतलन प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे गर्मी से चोट लग सकती है।

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ठळक मुद्देभीषण गर्मी के कारण एसी में आग लगने की खबरें आ रही हैं।एसी पर इतना लोड है कि भीषण गर्मी में एसी फेल हो जा रहे हैं।एसी के कारण जगह-जगह आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। 

भीषण गर्मी के कारण एसी में आग लगने की खबरें आ रही हैं। एसी पर इतना लोड है कि भीषण गर्मी में एसी फेल हो जा रहे हैं। गर्मी तो जिंदगी के लिए खतरा बनती ही जा रही है, ऊपर से एक नई मुसीबत देखिए, राहत के लिए ठंडी हवा देने वाले एसी भी आग का गोला बनते जा रहे हैं। एसी के कारण जगह-जगह आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। 

विशेषज्ञों का कहना है कि हर दो घंटे में 5-7 मिनट के लिए एसी बंद कर देना चाहिए ताकि एसी को कुछ आराम मिले और आग लगने की घटनाएं कम हो जाएं। लेकिन हद तो ये है कि गर्मी के कारण कई लोग एसी रूम में ही सिगरेट पीते रहते हैं, जो और भी खतरनाक है। 

एसी कमरे में धूम्रपान करना खतरनाक है

दरअसल, एक अध्ययन के मुताबिक, गर्मियों में धूम्रपान करने से 'गर्मी असहिष्णुता' या 'शीतलन प्रक्रिया' कमजोर हो जाती है। शरीर गर्मी जारी नहीं कर पाता और इसका असर हृदय, मस्तिष्क, फेफड़े और किडनी पर पड़ता है।

'हीटस्ट्रोक' या 'हीट इंजरी' जानलेवा बन जाती है। हालांकि, गर्मियों में सिगरेट पीने से होने वाला हर नुकसान कई गुना बढ़ जाता है। जो लोग धूम्रपान नहीं करते हैं, यानी निष्क्रिय धूम्रपान करने वालों के लिए भी जोखिम दोगुना हो जाता है। 

हर साल 10 लाख लोग बिना सिगरेट पिए भी धुएं से मर जाते हैं 

हर साल लगभग 10 लाख लोग सेकेंड हैंड स्मोकिंग या पैसिव स्मोकिंग के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। यह इतना खतरनाक है कि पूरी दुनिया में सभी प्रकार के कैंसर से होने वाली 25% मौतों का एकमात्र कारण सिगरेट पीना है। दिक्कत ये है कि इतना कुछ होने के बाद भी लोग इस आदत को छोड़ना नहीं चाहते। आइए स्वामी रामदेव से जानते हैं कि कैसे धूम्रपान की लत से छुटकारा पाएं और योग की आदत डालें।

गर्मियों में धूम्रपान करने से खतरा दोगुना हो जाता है

दिल का दौरा

फेफड़े का कैंसर

मुँह का कैंसर

गले का कैंसर

आंतों में सूजन

पागलपन

माइग्रेन

चिंता

तम्बाकू विषाक्तता 

धुआं फेफड़ों में बलगम पैदा करता है, विषाक्त पदार्थों के कारण फेफड़े जाम हो जाते हैं और फेफड़े कमजोर और बीमार हो जाते हैं। 

तम्बाकू के सेवन से होने वाली बीमारियां

हृदय की समस्याएं

चीनी

फेफड़ों की समस्याएं

माइग्रेन

चिंता

अवसाद

हल्दी, अजवाइन, लौंग, काली मिर्च, पुदीना आदि जैसे विशेष पाउडर धूम्रपान छोड़ने में प्रभावी हैं।

माउथ फ्रेशनर नशे की लत से छुटकारा दिलाने में कारगर हैं। साथ ही अजवाइन का अर्क नशे की लत से छुटकारा दिलाने में भी कारगर है। आपको बस 250 ग्राम अजवाइन को 1 लीटर पानी में उबालना है और पानी पीने के बाद उसका अर्क खाना है।

टॅग्स :हीटवेवहार्ट अटैक (दिल का दौरा)कैंसर
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