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रूमेटॉइड आर्थराइटिस विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शारदा को Guinness World Records से अंतरराष्ट्रीय सम्मान

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 16, 2026 19:08 IST

आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य कर रहे प्रसिद्ध चिकित्सक Dr. Mukesh Sharda को Guinness World Records द्वारा मान्यता प्रदान की गई है।

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ठळक मुद्देडॉ. मुकेश शारदा गठिया (आर्थराइटिस) रोगियों के उपचार में अपनी विशेषज्ञता के लिए प्रसिद्ध हैं।

आयुर्वेदिकचिकित्साकेक्षेत्रमेंकार्यकररहेप्रसिद्धचिकित्सकDr. Mukesh Sharda कोGuinness World Records द्वारामान्यताप्रदानकीगईहै। यह उपलब्धि न केवल उनके वर्षों के समर्पण और निरंतर प्रयासों का परिणाम है, बल्कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस सम्मान ने आयुर्वेद के प्रति लोगों के विश्वास को और अधिक मजबूत करने का काम किया है।

डॉ. मुकेश शारदा, Dr. Sharda Ayurveda के संस्थापक हैं। यह संस्थान पिछले कई वर्षों से आयुर्वेदिक उपचार के माध्यम से मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। संस्थान में पारंपरिक आयुर्वेदिक सिद्धांतों के आधार पर रोगों के मूल कारण को समझकर उपचार किया जाता है। विशेष रूप से रूमेटॉइड आर्थराइटिस जैसी जटिल बीमारी के उपचार में संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और कई मरीजों को इससे राहत मिलने की बात सामने आई है।

संस्थान के अनुसार, हजारों मरीजों ने यहां आयुर्वेदिक उपचार प्राप्त किया है। उत्तर भारत के कई शहरों में इसकी शाखाएं संचालित हैं, जहां बड़ी संख्या में मरीज नियमित रूप से उपचार के लिए पहुंचते हैं। संस्थान का उद्देश्य आयुर्वेदिक चिकित्सा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और प्राकृतिक उपचार के महत्व को समाज में स्थापित करना है।

देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी कई मरीज यहां उपचार के लिए आते हैं। कई मरीजों का कहना है कि आयुर्वेदिक उपचार और जीवनशैली से जुड़े सुझावों से उन्हें स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही जीवनशैली, संतुलित आहार और आयुर्वेदिक उपचार के संयोजन से कई स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

इस उपलब्धि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में लगभग 1400 लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में आए लोगों ने डॉ. मुकेश शारदा को इस सम्मान के लिए बधाई दी और आयुर्वेद के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान कई मरीजों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस सम्मान से आयुर्वेदिक उपचार के प्रति उनका विश्वास और भी मजबूत हुआ है।

अपने संबोधन में डॉ. मुकेश शारदा ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और वे भविष्य में भी आयुर्वेद के माध्यम से लोगों की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति है और आधुनिक समय में भी इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ लोगों तक पहुंचाना बेहद आवश्यक है, ताकि अधिक से अधिक लोग प्राकृतिक उपचार के लाभ प्राप्त कर सकें।

 

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