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Omicron virus update: ब्रिटेन के वैज्ञानिकों का दावा, डेल्टा से कम घातक नहीं ओमीक्रोन, प्रतिरक्षा को को दे रहा है चकमा

By उस्मान | Updated: December 21, 2021 09:35 IST

ब्रिटेन में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, इस बारे में "कोई सबूत नहीं" है कि कोरोना वायरस का ओमीक्रोन स्वरूप, डेल्टा स्वरूप की तुलना में कम भयावह है।

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मॉडर्ना ने कहा कि उसके कोविड-19 रोधी टीके की बूस्टर खुराक कोरोना वायरस के तेजी से फैलने वाले ओमीक्रोन स्वरूप से सुरक्षा प्रदान करेगी और शुरुआती आंकड़ों में अच्छे परिणाम सामने आए हैं। 

मॉडर्ना ने कहा कि प्रयोगशाला परीक्षणों से पता चला है कि बूस्टर की आधी खुराक से ओमीक्रोन से लड़ने में सक्षम एंटीबॉडी के स्तर में 37 गुना वृद्धि हो गई। इसने कहा कि बूस्टर की पूरी खुराक का असर और भी ज्यादा था, जिससे एंटीबॉडी के स्तर में 83 गुना वृद्धि हो गई। 

इसकी अभी तक वैज्ञानिक समीक्षा नहीं हुई है। इसी तरह फाइजर के परीक्षण में पता चला कि इसके कोविड रोधी टीके ने भी ओमीक्रोन से लड़ने वाली एंटीबॉडी में वृद्धि के मामले में ऐसा ही प्रदर्शन किया।  

ओमीक्रोन के डेल्टा स्वरूप से कम गंभीर होने का कोई साक्ष्य नहीं ब्रिटेन में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, इस बारे में "कोई सबूत नहीं" है कि कोरोना वायरस का ओमीक्रोन स्वरूप, डेल्टा स्वरूप की तुलना में कम भयावह है। इस अध्ययन में यह भी पाया गया कि नया स्वरूप (ओमीक्रोन) पिछले संक्रमण या टीके की दोनों खुराकों से मिली प्रतिरक्षा को बड़े पैमाने पर चकमा देता है। 

ब्रिटेन में इंपीरियल कॉलेज लंदन के अनुसंधानकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में यह अनुमान लगाया गया कि ओमीक्रोन स्वरूप से फिर संक्रमित होने का जोखिम डेल्टा स्वरूप की तुलना में 5.4 गुना अधिक है। 

उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि पिछले संक्रमण से मिली सुरक्षा को ओमीक्रोन 19 प्रतिशत तक कम कर सकता है। 

अध्ययन में इंग्लैंड में सभी पीसीआर जांच से पुष्टि किए गए सार्स-कोवी-2 के सभी मामलों के डेटा का उपयोग किया गया, जिनकी 29 नवंबर और 11 दिसंबर, 2021 के बीच कोविड-19 की जांच की गई थी।  

ज्यादा नमूनों के जीनोम अनुक्रमण के लिए तैयार प्रयोगशालाएं दिल्ली में दो जीनोम अनुक्रमण प्रयोगशालाओं के अधिकारियों ने कहा कि उनके पास कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप का पता लगाने के लिए अधिक संख्या में नमूनों को संभालने की क्षमता है। 

दिल्ली में ओमीक्रोन के डर और कोरोना वायरस के मामलों की बढ़ती संख्या के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि कोविड पॉजिटिव सभी नमूनों को जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जाएगा। 

ओमीक्रोन की संक्रामकता या गंभीरता पर अभी कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं भारतीय सार्स सीओवी-2 जिनोमिकी संगठन (इंसाकोग) ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा है कि भारत में ओमीक्रोन की संक्रामकता, प्रतिरक्षा को मात देने की क्षमता या गंभीर रोग उत्पन्न करने की क्षमता पर अभी कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं प्राप्त हुआ है। 

कहा गया कि वायरस का यह नया ‘चिंताजनक’ प्रकार विश्व में तेजी से फैल रहा है। कोरोना वायरस के इस नए प्रकार की जांच के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य के कदम उठाए जा रहे हैं। 

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