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Male fertility: इन आदतों से घट सकती है पुरुषों की प्रजनन क्षमता, स्पर्म काउंट हो जाता है कम, जानें

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: April 28, 2024 16:39 IST

लैपटॉप को अपनी गोद में रखकर उस पर काम करना सुविधाजनक लग सकता है, लेकिन यह आपकी प्रजनन क्षमता को नुकसान पहुंचा सकता है।

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ठळक मुद्देपुरुष गर्भधारण में समान भूमिका निभाते हैंलैपटॉप को अपनी गोद में रखकर उस पर काम करना प्रजनन क्षमता को नुकसान पहुंचा सकता हैस्वस्थ वजन बनाए रखना पुरुष प्रजनन क्षमता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

Male fertility: रोजाना की जीवनशैली में पुरुष कुछ ऐसे काम करते हैं जो उनके प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। पुरुष गर्भधारण में समान भूमिका निभाते हैं इसलिए प्रजनन क्षमता सिर्फ महिलाओं के लिए चिंता का विषय नहीं है। आईये जानते हैं उन आदतों के बारे में जो पुरुषों की प्रजनन क्षमता को पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। इनके बारे में हर आदमी को पता होना चाहिए।

आप अपना स्मार्टफोन कहां रखते हैं?

आप अपना स्मार्टफोन कहां रखते हैं?  यदि आप अपना स्मार्टफोन पैंट या जींस की सामने वाली जेब में रखते हैं तो इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। फोन द्वारा उत्सर्जित विद्युत चुम्बकीय विकिरण के लंबे समय तक  प्रजनन अंगों के संपर्क में रहने से शुक्राणु स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकता है। 

लैपटॉप को अपनी गोद में रखकर काम करना

लैपटॉप को अपनी गोद में रखकर उस पर काम करना सुविधाजनक लग सकता है, लेकिन यह आपकी प्रजनन क्षमता को नुकसान पहुंचा सकता है। लैपटॉप द्वारा उत्पन्न गर्मी अंडकोश का तापमान बढ़ा सकती है, जो शुक्राणु उत्पादन और गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। काम करते समय अपने प्रजनन स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए डेस्क का उपयोग करने या लैप डेस्क का प्रयोग करें।

वजन पर ध्यान दें

स्वस्थ वजन बनाए रखना न केवल सेहत के लिए अच्छा है बल्कि यह पुरुष प्रजनन क्षमता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोध में मोटापे और शुक्राणु स्वास्थ्य के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध पाया गया है। मोटे पुरुषों में न केवल शुक्राणुओं की संख्या कम होने का खतरा अधिक होता है, बल्कि उनमें शुक्राणु पैदा ही नहीं होने की संभावना भी अधिक होती है। 

पुरुष प्रजनन क्षमता कैसे बढ़ाएं

तुलित आहार और नियमित व्यायाम के माध्यम से स्वस्थ वजन बनाए रखें। अपने आहार में भरपूर मात्रा में फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और स्वस्थ वसा शामिल करें। विटामिन सी और ई, सेलेनियम और जिंक जैसे एंटीऑक्सीडेंट शुक्राणु की गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं। समग्र स्वास्थ्य बनाए रखने और शुक्राणु उत्पादन में सहायता के लिए पूरे दिन खूब पानी पिएं। मध्यम व्यायाम हार्मोन के स्तर को नियंत्रित करने और प्रजनन क्षमता में सुधार करने में मदद कर सकता है। 

(डिस्क्लेमर:  लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी चिकित्सीय स्थिति के संबंध में आपके किसी भी प्रश्न के लिए हमेशा अपने चिकित्सक या अन्य योग्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की सलाह लें लोकमत हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता।)

टॅग्स :Health and Family Welfare DepartmentFitness Tips
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